फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: यूपीएससी में बाराबंकी का परचम, सुयश द्विवेदी ने हासिल की 94वीं रैंक; शिक्षक पिता भावुक हुए

Fri, 06 Mar 2026 07:50 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी

सार

बाराबंकी के लखपेड़ाबाग निवासी सुयश द्विवेदी ने यूपीएससी परीक्षा में 94वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया। शिक्षक पिता के बेटे सुयश वर्तमान में सीआईएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट हैं। उन्होंने पांचवें प्रयास में सफलता पाई। उनकी उपलब्धि से परिवार और जिले में खुशी का माहौल है तथा युवाओं को प्रेरणा मिली है।
विज्ञापन
सुयश द्विवेदी अपने पिता कौशलेंद्र नाथ द्विवेदी के साथ। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपीएससी का परिणाम घोषित होते ही जिले में खुशी और गर्व का माहौल बन गया। बाराबंकी के तीन युवाओं ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है।  शहर के लखपेड़ाबाग निवासी शिक्षक कौशलेंद्र नाथ द्विवेदी के पुत्र सुयश द्विवेदी ने 94वीं रैंक प्राप्त कर यह साबित कर दिया कि मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे भी कठिन परिश्रम और लगन के दम पर डीएम-एसपी जैसे ऊंचे पदों तक पहुंच सकते हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। 

विज्ञापन




सुयश द्विवेदी के पिता कौशलेंद्र नाथ द्विवेदी शिक्षक हैं और लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। बेटे की इस सफलता पर परिवार में जश्न का माहौल है। सुयश वर्तमान में असम में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात हैं।

सुयश ने यह सफलता अपने पांचवें प्रयास में हासिल की

खास बात यह है कि सुयश ने यह सफलता अपने पांचवें प्रयास में हासिल की है। उन्होंने लगातार मेहनत और धैर्य बनाए रखते हुए अंततः यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में शानदार रैंक प्राप्त की। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

विज्ञापन


यूपीएससी का परिणाम आने के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। मोहल्ले के लोग, रिश्तेदार और परिचित मिठाई खिलाकर परिवार को बधाई दे रहे हैं। अमर उजाला की टीम भी सुयश के घर पहुंची और उनके माता-पिता का सम्मान किया। 
विज्ञापन


इस दौरान परिजनों ने बताया कि सुयश बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी थे और प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना देखते थे। परिवार ने उनकी पढ़ाई में पूरा सहयोग दिया और सुयश ने भी लगातार मेहनत कर अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया।

सुयश की इस उपलब्धि से जिले के युवाओं में भी उत्साह बढ़ा है और यह संदेश गया है कि लगन, धैर्य और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें