बाराबंकी। युद्ध छिड़ने के बाद यूक्रेन में फंसे एमबीबीएस छात्रों के वतन वापसी की उम्मीदें जगने लगी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रविवार को छात्रों को बुलाकर उनके फॉर्म भरवा कर दो से तीन दिन में घर भेजने का भरोसा दिलाया। हालांकि कई छात्र अभी भी बंकर में ही फंसे है। जहां पर खाना पानी तो मिल ही नहीं रहा। बहुत कोशिश से मिली कोल्डड्रिंक पीकर काम चला रहे है। यह बातें छात्रों ने रविवार की शाम अपने परिवारीजनों से बताई।
शहर के दीनदयाल नगर मोहल्ला निवासी प्रज्जवल वर्मा के पिता राजकिशोर वर्मा ने बताया कि बेटे के पास खारकीव यूनिवर्सिटी से फोन आया था। एक फार्म भरवाया गया है। भरोसा दिलाया गया कि जल्द ही वतन वापसी का रास्ता निकाला जाएगा। हालांकि खाने-पीने की बहुत समस्या है। यूक्रेन की ही खर्कीव नेशनल यूनिवर्सिटी के छात्र व शहर के ही देवा रोड निवासी सुमित के भाई संतोष वर्मा ने बताया कि सुमित बंकर में फंसा है। खाना और पीने का पानी नहीं है।
बड़ी मुश्किल से कोकाकोला (कोल्डड्रिंक) मिली हैं, उससे ही काम चला रहा है। हालांकि यूनिवर्सिटी से आए फोन से वतन वापसी की उम्मीद जगी है। रामनगर तहसील के सूरतगंज कस्बा निवासी अनस की मां नसरीन ने बताया कि रविवार को दूतावास से सूचना मिली की ट्रेन चल गई है। जिसे पकड़कर अनस उजरौथ नेशनल यूनिवर्सिटी पहुंचा।
जहां से उसे सोमवार को रोमानिया सीमा पर भेजा जाएगा। शहर के ही सत्यप्रेमी नगर निवासी छात्र प्रसून शुक्ला के भाई प्रखर शुक्ल ने बताया कि यूनिवर्सिटी से फोन आया था। जिस पर उनके द्वारा घर भेजने की व्यवस्था की जा रही है। सोमवार को छात्राओं को भेजने के बाद मंगलवार को छात्रों को भेजने का भरोसा दिया गया है।