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थम नहीं रही घाघरा की कटान दो और घर बहे

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बाराबंकी। सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के टेपरा गांव के पास तेजी से कटान करती घाघरा। - फोटो : BARABANKI
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बाराबंकी। घाघरा नदी में टेपरा गांव के निकट शुरू हुई कटान थमने का नाम नहीं ले रही है। बुधवार को नदी की धारा दो और मकानों को अपने साथ बहा ले गई। इस तरह से अब तक करीब सात लोगों के मकान नदी की धारा में समा चुके हैं। वहीं सौ बीघे से अधिक फसल भी नदी के पानी की भेंट चढ़ चुकी है। लेकिन प्रशासन द्वारा बाढ़ से निपटने को लेकर किए जा रहे इंतजाम सिर्फ कागजों पर ही चल रहे हैं।
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कोटवाधाम प्रतिनिधि के अनुसार घाघरा नदी का पानी पासिन टेपरा के निकट बहुत तेजी से कटान कर रहा है। इसकी चपेट में आकर बुधवार को जगदीश और बनवारी के घर नदी की धारा में समा गए। जबकि अब तक इस गांव के करीब सात लोगों के मकान पानी में बह चुके हैं और करीब एक दर्जन से ज्यादा परिवार गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।
वहीं नदी के पानी ने गांव के ही निवासी लल्लन और मैकू के मकानों को अपने निशाने पर ले लिया है। यदि कटान का यही हाल रहा तो इनके भी मकान किसी भी समय नदी की धारा में समा जाएंगे। वहीं देखा जाए तो नदी का पानी जिस तरह से गांव के किनारे कटान कर रहा है उससे गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। यदि ध्यान नहीं दिया गया तो किसी भी समय यह गांव नदी की धारा में समा सकता है।
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वहीं कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड द्वारा ईंटों से भरी बोरियां डाली जा रही है लेकिन वह भी कटान को रोक पाने से सफल नहीं हो पा रहा है। जिससे गांव के लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। उधर बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा जो इंतजाम किए गए हैं वह सिर्फ कागजों पर ही चले रहे है हकीकत में प्रभावित क्षेत्र में कुछ भी नजर नहीं आ रहा है।
घाघरा का पानी पासिन टेपरा गांव के पास कटान कर रहा है इसकी जानकारी मिलने पर बाढ़ खंड के अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है। वे कटान रोकने के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं। घाघरा के पानी की चपेट मेेें आकर किन लोगों के मकान बहे हैं इसकी सूचना संबंधित एसडीएम से देने को कहा गया है।
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-संदीप कुमार गुप्ता, एडीएम
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