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दिल्ली, पंजाब, हरियाणा से बिहार तक प्रतिमाह हो रही एक अरब की डग्गेमारी

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बाराबंकी। पुलिस व परिवहन विभाग की मिलीभगत से प्रतिमाह प्रदेश सरकार को लंबे टैक्स की चपत लग रही है। विभाग के अफसरों की मानें तो दिल्ली, पंजाब, हरियाणा से लेकर बिहार के बीच प्रतिदिन करीब तीन सौ वोल्वो बसें गुजरती हैं जिनसे करीब एक अरब रुपये की कमाई होती है। इन बसों में जहां क्षमता से अधिक सवारी बैठाई जाती है वहीं यात्रियों से मनमाना किराया भी वसूला जाता है। हाल यह है कि चार से पांच प्रदेशों की दूूरी तय करने वाली इन बसों पर कभी भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती है।
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इसके अलावा जिले में भी करीब 250 से अधिक डग्गामार वाहन हैं। जो मनमाने तरीके से फर्राटा भरते हैं। जब कोई बड़ा हादसा होता है तभी पुलिस व परिवहन विभाग के अफसर सक्रिय होते हैं। लेकिन कुछ दिनों बाद सब फिर से पहले जैसा ही चलने लगता है।
बीते दिनों जिले के रामसनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में हुए बस हादसे में 18 लोगों की मौत होने के बाद इस समय परिवहन, विभाग, पुलिस व एनएचएआई की कार्यप्रणाली सवालों की घेरे में है। इस मामले में दो केस दर्ज हुए। कई लोग आरोपी बने हैं लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसके साथ ही किसी भी जिम्मेदार पर कोई कार्रवाई भी शासन स्तर से नहीं की गई है। जबकि डग्गामार वाहनों पर अंकुश न लगने से लोग विभाग को ही जिम्मेदार बता रहे हैं।
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हाल यह है कि बाराबंकी शहर में कई ऐसे ट्रांसपोर्ट संचालित हो रहे हैं जो खुद को परिवहन विभाग में प्रमुख सचिव स्तर के अफसरों को करीबी बताते हुए धड़ल्ले से अपने कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। जिले के एआरटीओ की भी हिम्मत नहीं होती है कि इनके वाहनों पर कार्रवाई कर सके। इसके पीछे परिवहन विभाग व पुलिस को उनका बराबर का हिस्सा देना भी एक अहम वजह मानी जाती है। हालांकि अब बीते दो दिनों से अफसर सक्रियता दिखा रहे हैं। उसका परिणाम क्या सामने आएगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा।
तीन टोल प्लाजा से निकलतीं हैं तीन सौ वोल्वो बसें
जिले में सुल्तानपुर, अयोध्या व बहराइच हाईवे पर तीन टोल प्लाजा हैं। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो इन तीनों टोल प्लाजा से 24 घंटे के अंतराल में करीब तीन सौ वोल्वो बसें प्रतिदिन निकलती हैं। इनमें अयोध्या हाईवे से करीब 150 बसें, सुल्तानपुर हाईवे से करीब 100 बसें व बहराइच हाईवे से करीब 50 बसें निकलती हैं।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब से चलकर बिहार तक जाने वाली यह निजी बसें जहां क्षमता से अधिक सवारी बैठाती हैं वहीं मनमाना किराया वसूल करती हैं। इसी का नतीजा है कि जिले में वोल्वो बस के कई हादसे सामने आ चुके हैं जिनमें बहुत लोग अपनी जान गवां चुके हैं।
एक माह में वोल्वो बसों से ही 94 करोड़ की कमाई
जिले में करीब तीन सौ वोल्वो बस प्रतिदिन दिल्ली से बिहार व पंजाब समेत अन्य प्रांतों के लिए निकलती हैं। इनमें एक बस में करीब 70 यात्री बैठाए जाते हैं। एक यात्री से करीब पंद्रह सौ रुपये किराया वसूला जाता है। ऐसे में तीन सौ बसों से एक दिन में करीब 21 हजार यात्री सफर करते हैं।
जिनमें करीब तीन करोड़ पंद्रह लाख रुपये का किराया जाता है। जबकि एक माह में यह रकम 94 करोड़ 50 लाख के आसपास पहुंच जाती है। जिले में 250 डग्गामार वाहनों से प्रतिदिन करीब बीस हजार यात्री सफर करते है। इनसे करीब दस लाख एक दिन में और एक माह में करीब तीन करोड़ रुपये की कमाई होती है।
तय होता है हर किसी का हिस्सा
डग्गामारी करने वाले वाहनों से ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग हर किसी का हिस्सा तय होता है। लंबी दूरी की बसें चक्कर के हिसाब से भुगतान करती हैं। जबकि अन्य वाहनों से महीने के हिसाब से वसूली होती है। इन बसों के ढाबे भी तय होते हैं जहां यात्रियों से मनमाने तरीके से खाने के पैसे भी वसूले जाते हैं।
डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस टीम परिवहन विभाग की मदद से चेकिंग अभियान चला रही है। विशेषकर हाईवे से निकलने वाली बसों पर नजर रखी जा रही है। ऐसे मामलों में जो भी दोषी मिलता है, उसके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई भी होती है।
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-यमुना प्रसाद, एसपी
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