कोठीडीहा गांव के पास खेतों को अपने आगोश में लेती सरयू। - संवाद
कोटवाधाम। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में कटान लगातार बढ़ रहा है। कुड़वा-बबुरी गांव के पास शुरू हुआ कटान अब कोठीडीहा और मनीरामपुरवा तक पहुंच गया है। करीब दो किलोमीटर के दायरे में सरयू खेतों को काट रही है। इससे 50 से अधिक किसानों की उपजाऊ जमीन पर संकट मंडरा रहा है। नदी की धारा सिरौलीगुंग, घुटरू, कोठीडीहा और मनीरामपुरवा की आबादी की ओर बढ़ रही है। इसके बावजूद बचाव कार्य शुरू न होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
शुक्रवार को घुटरू गांव के किसान शोभाराम अपने खेत में गन्ने की कटाई कर रहे थे। उनकी तैयारी गन्ने को गोशाला भेजने की थी, लेकिन तेज कटान ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सरयू मइया सब काटे दे रही हैं, उसे देखकर लगता है कि अब कुछ नहीं बचेगा। अब तो सिर्फ ईश्वर ही रक्षा करें।
सरयू किनारे मिले किसान राजेश, मंशाराम, नानके, गुड्डू, राजपाल और हरिनाम यादव ने बताया कि 10 दिन से कटान हो रहा है, लेकिन इसे रोकने के प्रयास शुरू नहीं किए गए हैं। नदी तेजी से खेतों को काट रही है। इससे 50 से अधिक किसानों की जमीन खतरे में है।
एसडीएम सिरौलीगौसपुर अनिल कुमार सरोज ने बताया कि नदी का बहाव कम होने पर बचाव कार्य कराया जाएगा। इसके लिए सर्वे किया जा रहा है।
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ब्लॉक प्रमुख ने लगाया पक्षपात का आरोप
कोठीडीहा गांव के पास कटान का निरीक्षण करने पहुंचीं सपा ब्लॉक प्रमुख रेनू वर्मा ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शुरू से ही पक्षपात कर रही है। सरकार में बैठे लोगों के अधिकारी भी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। इसी वजह से अब तक बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका है। रेनू वर्मा ने कहा कि प्रदेश में सपा की सरकार होती तो अब तक नदी की धारा मोड़ने का काम शुरू करा दिया गया होता।