बाराबंकी। ग्रामीण अंचल में परिवहन सुविधा बढ़ाने के लिए परिवहन निगम ने सर्वे कर 63 ऐसे रूट चिह्नित किए, जहां पर परिवहन सुविधा नहीं है। इन रूटों से 442 गांवों के लोगों को परिवहन सुविधा का लाभ मिलता, लेकिन सर्वे के बाद रिपोर्ट आगे नहीं बढ़ सकी, जिससे गावों को बस सेवा से जोड़ने की मंशा फाइलों में ही कैद होकर रह गई है।
जिले में 67 रूटों पर 100 अनुबंधित, 15 परिवहन निगम और दो डबल डेकर बसों का संचालन हो रहा है। जिले में चार्जिंग स्टेशन न होने से डबल डेकर इलेक्टि्रक बस का संचालन लखनऊ अवध बस स्टेशन से हो रहा है। इसके बावजूद जिले में कई रूट ऐसे हैं, जहां पर बसों का संचालन नहीं हो रहा है। ऐसे में लोगों का डग्गामार वाहन या अन्य साधनों के सहारे सफर करना पड़ता है। परिवहन सेवा को हर गांव से जोड़ने के लिए सर्वे किया गया था। यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
एआरएम जमीला खातून का कहना है कि परिवहन सेवा से दूर रहे गांवों को बस सेवा से जोड़ने का कार्य सरकार की प्राथमिकता में है। मुख्यमंत्री ग्रामीण योजना के तहत सर्वे के बाद चार रूटों पर बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई गई है। इसकी रिपोर्ट आरएम लखनऊ को भेजी गई है।