लखनऊ-बाराबंकी हाइवे पर आलापुर के पास बने पुल में आई दरार व एप्रोच के नीचे का हिस्सा खोखला मिला। पीडब्ल्यूडी के अफसरों की मानें तो इसका मुख्य कारण खुदाई के कारण मिट्टी बहना है। पुल में दरार व एप्रोज धंसने की खबर प्रकाशित होने पर प्रशासन जागा और शुक्रवार को जेई एके शुक्ला चार मजदूरों के साथ पहुंचे और मरम्मत कार्य शुरू कराया।
जानकारों ने बताया कि समय रहते कार्य शुुरू होने पर अन्य खामियां दिख गई, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। रेठ नदी पर दो करोड़ रुपये की लागत से मित्तल ब्रदर्स द्वारा पुल का निर्माण कराया गया था। एप्रोच के पास खोदाई करने पर नीचे का हिस्सा खाली देख चौंक गए। नीचे जाकर देखा गया तो पूरा हिस्सा खोखला मिला।
पुल के ऊपर का पानी निकालने के लिए बीच बीच में ब्राउज लगाए गए थे। वाहनों के निकलने से धूल मिट्टी से सभी ब्राउज चोक हो जाने से पानी निकाली नहीं हो सकी। जिससे पानी एप्रोच के नीचे से होकर रिसाव होने से धीरे धीरे मिट्टी बह गई और एप्रोच धंस गया।
आलापुर के पास नवनिर्मित पुल के पास बना पुुराने पुल को भी मरम्मत की दरकार है। शुक्रवार को पुल के एक बिम में दरार दिखी और कई स्थानों पर जंग लगे सरिया बाहर से दिखाई दे रही थी। इस पुल की मरम्मत भी समय रहते नहीं की गई तो यह और जर्जर हो जाएगा।