धूप से बचने के लिए छाता लगाकर रिक्शे से जातीं महिलाएं। संवाद
बाराबंकी। जेठ की चिलचिलाती धूप और लू ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। धूप में निकलने पर लोगों के चेहरे झुलस जा रहे हैं। तापमान में लगातार हो रही वृद्धि ने लोगों को घर में दुबकने पर मजबूर कर दिया। रविवार को जिले का न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
भीषण गर्मी के कारण सड़कों पर दोपहर के समय सन्नाटा पसरा रहा। तेज धूप से बचने के लिए लोग छांव की तलाश करते नजर आए। दोपहिया से चलने वाले लोगों ने गर्मी से राहत पाने के लिए सड़क किनारे नींबू शिकंजी का सहारा लिया। पटेल तिराहे पर लोग अपने चेहरों को धूप से बचाने के लिए गमछा बांधकर निकलते देखे गए।
रेलवे स्टेशन पर भी गर्मी से बेहाल यात्रियों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ा। कई यात्रियों को नल से पानी भरकर अपनी प्यास बुझाते देखा गया। हवा में नमी की कमी और लगातार बढ़ती गर्मी ने लोगों के लिए घर से निकलना मुश्किल बना दिया है।
भीषण गर्मी का असर बाजारों में भी साफ दिख रहा है। दोपहर के समय ज्यादातर दुकानें जल्दी बंद हो जा रही हैं, जिससे बाजारों में भीड़ कम दिख रही है और व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। शाम ढलने के बाद भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम है, जिससे लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हो गई है।