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एंबुलेंस कर्मियों का चक्का जाम, बेहाल हुए मरीज

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बाराबंकी। एंबुलेंस कर्मियों को सेवा से बाहर का रास्ता दिखाए जाने से नाराज साथियों ने सोमवार को एंबुलेंस का चक्का जाम कर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। चालकों के हड़ताल पर चले जाने का खासा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिला। एंबुलेंस न मिलने की वजह से लोग अपने मरीजों को निजी वाहनों से लेकर अस्पताल पहुंचे तो जच्चा-बच्चा को घर ले जाने के लिए तीमारदार वाहनों की तलाश में इधर-उधर भटकते दिखाई दिए।
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जिले में 102 और 108 एंबुलेंस सेवा की करीब 84 एंबुुुलेंस संचालित हैं। 102 एंबुलेंस प्रसूताओं की सेवा के लिए तो 108 एंबुलेंस किसी भी प्रकार के हादसे में प्रयोग की जा रही है। जीवनदायिनी स्वास्थ्य विभाग के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडेय ने बताया कि कार्यदाई संस्था के बदलने से करीब एक हजार कर्मियों को नई संस्था ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जिससे इन कर्मचारियों के सामने रोजीरोटी का संकट खड़ा हो गया है।
नई संस्था जिस तरह से कार्य कर रही है उससे अन्य कर्मियों का भविष्य भी खतरे में नजर आ रहा है। इसीलिए हम लोगों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर संस्था को चेतावनी दे दी है कि यदि कर्मचारियों के भविष्य से खिलवाड़ किया गया तो हम लोग आरपार की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे। कहा कि किसी भी कर्मचारी को उसके पद से न हटाया जाए, सामान्य कार्य का सामान्य वेतन दिया जाए।
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कोरोना काल के दौरान हम लोगों ने जान जोखिम में डालकर कार्य किया है। यह किसी से छिपा नहीं है। हम लोग पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना कार्य कर रहे हैं। ऐसे में साथियों को पदों हटाना न्यायोचित नहीं है। जब तक हम लोगों की मांगों को माना नहीं जाता है तब तक हम लोग हड़ताल को समाप्त करने वाले नहीं हैं। इस मौके पर विनय तिवारी, सुशील पांडेय, योगेश कुमार, रामनरेश आदि मौजूद रहे।
निजी एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचे मरीज
सड़क हादसे में घायल शिवकुमार के परिवारीजनों ने बताया कि एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल के वजह से जब हम लोगों को घंटों तक एंबुलेंस नहीं मिल सकी तो हम लोग निजी वाहन से मरीज को लेकर इमरजेंसी पहुंचे। राधेश्याम ने बताया कि पत्नी को प्रसव के बाद से अस्पताल से सोमवार को छुट्टी कर दी गई। लेकिन एंबुलेंस न मिलने की वजह से हम लोग निजी वाहन से उसे घर लेकर गए। ये चंद नाम तो बानगी भर हैं। इसी प्रकार एंबुलेंस न मिलने की वजह से मरीज और उनके तीमारदार खासे परेशान दिखाई दिए।
आपात सेवा के लिए लगाई तीन एंबुलेंस
एंबुलेंस कर्मियों की माने तो एजेंसी ने हम लोगों के साथ अन्याय करना शुरू कर दिया है। लेकिन इसके बाद भी हम लोगों ने मानवता दिखाते हुए आपातसेवा के लिए तीन एंबुलेंस अस्पताल प्रशासन को उपलब्ध करा रखी है जो लगातार अपना कार्य कर रही हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इसके बाद भी यदि हमारी मांगें नहीं मानी जाती हैं तो इन्हें भी हम वापस लेने पर विचार कर सकते हैं।
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