बाराबंकी। ग्राम पंचायतों में लगाई गई स्ट्रीट लाइटों में हुई बंदरबांट में नित नए खुलासे हो रहे हैं। सिद्धौर ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में भी डेढ़ हजार से कम कीमत वाली स्ट्रीट लाइटों को लगाने में 3800 रुपया प्रति लाइट का भुगतान किया गया है। कई ब्लॉकों में स्ट्रीट लाइट खरीद में घपला होने की जानकारी मिलने के बाद सीडीओ ने नोडल अधिकारी से प्रत्येक ब्लॉक की जांच कराने का फैसला लिया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। इसे लेकर जिन ब्लॉकों में लाइटों की खरीद हुई है उनमें हड़कंप मचा है।
अमर उजाला ने बीती 8 मई को रामनगर ब्लॉक में ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर हुए घपले की खबर प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया था कि किस तरह से ग्राम पंचायतों में 12 से 14 सौ रुपये वाली लाइट को लगाने में 3800 रुपया का भुगतान किया गया। इसके बाद सिरौलीगौसपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में भी ऐसी बात सामने आई। अब सिद्धौर ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट के नाम पर सरकारी धन के बंदरबांट का मामला सामने आया है।
सिद्धौर प्रतिनिधि के अनुसार, सादुल्लापुर, खानापुर, बिबियापुर थाना, मीरापुर, पूर्व बेलांव, नूरापुर, उस्मानपुर, मानपुर आदि ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट को लेकर प्रति लाइट 3800 का भुगतान किया गया। इसे लेकर सीडीओ एकता सिंह ने पहले ही जांच के निर्देश जारी किए थे।
उन्होंने स्वयं रामनगर व सिरौलीगौसपुर के खंड विकास अधिकारियों से बात करके पूरा ब्योरा तलब किया था। लेकिन कई ब्लॉकों से स्ट्रीट लाइट खरीद में घोटाले की जानकारी मिलने के बाद अब नोडल अधिकारियों से हर ब्लॉक की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। हर ब्लॉक के लिए जिला स्तरीय अधिकारी ही नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।
स्ट्रीट लाइट खरीद को लेकर नोडल अधिकारियों से हर ब्लॉक की जांच कराई जाएगी। खरीद में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश पहले ही जारी किए गए थे। गड़बड़ी की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी।
-एकता सिंह, सीडीओ