बाराबंकी। सरकारी चावल एफसीआई गोदाम तक पहुंचाने का जिम्मा राइस मिल मालिकों को सौंपा गया है। शासन द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए जाने के बाद पहले चरण में जिले के 14 राइस मिल मालिकों को इसका जिम्मा सौंपा गया है। शासन ने पिछले वर्षों में ठेकेदारों द्वारा की गई मनमानी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है।
इसका सीधा लाभ राइस मिल मालिकों को मिलेगा। वहीं समय से सरकारी चावल भी एफसीआई गोदाम तक पहुंच सकेगा। इसके साथ ही क्रय केंद्रों पर खरीदे गए धान के उठान के कार्य में भी तेजी आएगी और किसानों को अपना धान तौलवाने में दिक्कत नहीं होगी।
सरकारी चावल राइस मिलों से एफसीआई गोदाम तक पहुंचाने का काम अभी तक ठेकेदारों के माध्यम से कराया जाता रहा है। परंतु ठेकेदार इसमें कोई रुचि नहीं दिखाते थे और यह काम राइस मिल मालिकों को ही करना पड़ रहा था जबकि इसका भुगतान ठेकेदार ले रहे थे। इससे समय से सरकारी चावल एफसीआई गोदाम तक नहीं पहुंच पाता था।
राइस मिल मालिकों ने इस समस्या को कई बार प्रमुखता से उच्चाधिकारियों के सामने रखा भी। इस पर शासन ने इस बार सरकारी चावल एफसीआई गोदाम तक पहुंचाने का जिम्मा सीधे राइस मिल मालिकों को सौंपने का निर्णय लिया। शासन से मिले आदेश के बाद विभाग ने जिले के 14 राइस मिल मालिकों को इसका जिम्मा सौंप दिया है।
अब ये राइस मिल मालिक क्रय केंद्रों से उठाए गए धान से तैयार सरकारी चावल को सीधे एफसीआई गोदाम भेजेंगे। इससे समय से सरकारी चावल जहां गोदाम तक पहुंच सकेगा, वहीं क्रय केंद्रों पर खरीदे जा रहे धान के उठान में भी तेजी आएगी और धान की खरीद को और गति मिल सकेगी।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी रमेश कुमार ने बताया कि राइस मिलों पर तैयार सरकारी चावल समय से एफसीआई गोदाम तक पहुंच सके, इसके लिए शासन ने इस बार राइस मिलों को इसका सीधे जिम्मा सौंपने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिले के 14 राइस मिल मालिकों को यह जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें आदेश दिया गया है कि मिलों पर तैयार सरकारी चावल को निर्धारित समय के अंदर एफसीआई गोदाम भेजना सुनिश्चित करें।