बाराबंकी। गेहूं की फसल को लेकर यूरिया की बढ़ती मांग को देख दुकानों की मनमानी रोकने और निर्धारित दाम पर किसानों को उर्वरक मिले, इसको लेकर डीएम ने पूरे जिले में अभियान चलाकर दुकानों की जांच कराई। इस दौरान तहसीलवार गठित कृषि विभाग के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को उर्वरक की 44 दुकानों की जांच की। जिसमें दो दुकानदारों के लाइसेंस निलंबित कर एक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जबकि 11 दुकानों से उर्वरक के नमूने लिए गए।
उप कृषि निदेशक अनिल कुमार सागर ने रामनगर तहसील की 15 दुकानों की जांच की। वहीं फतेहपुर तहसील में जिला कृषि अधिकारी ने 14 दुकानों की जांच कर 10 नमूने लिए। उर्वरक विक्रेता मनोज खाद भंडार फतेहपुर व विष्णु खाद भंडार फतेहपुर का लाइसेंस निलंबित किया गया। जबकि यादव खाद भंडार इसरौली के बंद मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी प्रीति किरन बाजपेयी ने नवाबगंज तहसील की सात दुकानों की जांच की। तो एक दुकान पर उर्वरक का नमूना लिया। तहसील रामसनेहीघाट में भूमि संरक्षण अधिकारी ने 12 तो सिरौलीगौसपुर तहसील में भूमि संरक्षण अधिकारी कुर्सी ने आठ दुकानों की जांच की।
वहीं हैदरगढ़ तहसील में उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी ने आठ दुकानों पर जांच की। इस दौरान अधिकारियों ने उर्वरक विक्रेताओं को दुकान पर स्टॉक व रेट बोर्ड लगाने के साथ पीओएस मशीन से किसानों को जोत की आवश्यकता के अनुरूप खाद वितरण करने के निर्देश दिए।