बाराबंकी। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बुधवार को हुए भीषण हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत के बाद बाकी गंभीर घायलों का इलाज लखनऊ में जारी है। दूसरी कार में घायल महिला, उनकी दो बेटियों और एक युवक को केजीएमयू ले जाया गया था, जहां उपचार से असंतुष्ट परिजनों ने चारों को शाम को एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया। इधर,डीएम के आदेश पर रात में ही मृतकों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई और करीब 1:30 बजे शवों को उनके गृह जनपद रवाना किया गया।
सुबेहा थाना क्षेत्र के डीह गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बुधवार दोपहर यह दुर्घटना तब हुई जब किनारे खड़ी वैगनआर कार में पीछे से एक तेज रफ्तार ब्रेजा कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कारों में आग लग गई। हादसे में आजमगढ़ में तैनात सिपाही जावेद की पत्नी, उनकी तीन बेटियां और पुत्र की मौत हो गई। जबकि कार चला रहे सिपाही के साले जिशान का इलाज लखनऊ में जारी है। वहीं, दूसरी कार में सवार महिला प्रगति (24), उनकी पुत्री तृप्ति (17), दीप्ति (16) और प्रगति के भाई दिव्यांशु (24) गंभीर रूप से घायल हुए थे। पुलिस इन्हें लखनऊ के केजीएमयू ट्रामा सेंटर लेकर पहुंची। शाम को गोरखपुर से पहुंचे परिजन इलाज की गुणवत्ता से संतुष्ट नहीं दिखे और उन्होंने चारों घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा दिया।
घायलों के पिता दीनदयाल मिश्रा ने बताया कि वे मूल रूप से गोरखपुर के बांसगांव निवासी हैं और दिल्ली में नौकरी करते हैं। प्रगति उनकी बेटी है, जबकि सभी बच्चे दिल्ली में ही पढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि बीकॉम की छात्रा तृप्ति अभी भी कोमा में है, जबकि अन्य तीनों का इलाज जारी है।
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बीबी-बच्चों के शव देख सन्न रह गए जावेद
हादसे की सूचना मिलने के बाद बाराबंकी पहुंचे सिपाही जावेद अशरफ ने पोस्टमार्टम हाउस में जब अपनी पत्नी गुलिस्ता (49), पुत्रियों समरीन (22), इल्मा खान (12), इस्मा और बेटे जियान (10) के शव देखे तो उनसे लिपटकर फूट-फूट कर रो पड़े। एक ही झटके में अपना पूरा परिवार गंवाने वाले जावेद को उनके साथी पुलिसकर्मी ढांढस बंधा रहे थे, लेकिन इस दुखद दृश्य को देखकर वे खुद भी अपने आंसू नहीं रोक पाए।