बाराबंकी। विधानसभा चुनाव में एक बार फिर मतदाताओं ने स्थानीय की बजाय बाहरी प्रत्याशियों पर भरोसा जताकर पार्टी के जनाधार की बदौलत उनकी चुनावी नैय्या को पार लगा दिया। इन्हें ऐसा जनादेश मिला कि उसके आगे स्थानीय दूर-दूर तक डिग नहीं सके। इन चार विधानसभा क्षेत्र के चुने गए विधायकों ने स्वयं दूसरे विधानसभा क्षेत्रों में अपना मतदान किया।
जिले की छह विधानसभा सीटों में सबसे पहले बात करें कुर्सी विधानसभा क्षेत्र की तो यहां पर स्थानीय व जिले के प्रत्याशियों पर पड़ोसी जिले के निवासी साकेंद्र वर्मा एक बार फिर अपनी जीत दर्ज कराकर मतदाताओं की पसंद बन गए। कुछ ऐसा ही हाल रामनगर विधानसभा क्षेत्र का है। जैदपुर विधानसभा क्षेत्र के निवासी फरीद महफूज किदवई ने पड़ोस की सीट पर एक बार फिर अपनी जीत की पताका फहराने में सफल रहे। हालांकि चुनाव से कुछ दिन पहले ही उन्हें इस सीट का उम्मीदवार घोषित किया गया।
मगर, विधानसभा को लेकर पूर्व का अनुभव मतदाताओं में बाहरी प्रत्याशियों पर भरोसे ने उनकी चुनावी वैतरणी पार लगा दी। दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र में भी हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के निवासी सतीश चंद्र शर्मा ने अपने कार्यकुशलता व बीते पांच साल जनता के बीच रहकर जो लोकप्रियता हासिल की उससे स्थानीय दिग्गज भी धराशाई हो गए।
जनता का यह भरोसा यहीं तक नहीं कायम रहा। जैदपुर विधानसभा क्षेत्र में भी बाराबंकी विधानसभा क्षेत्र के निवासी गौरव रावत दूसरी बार मतदाताओं की चाहत बने। बीते ढाई साल के कार्यकाल में भले ही वह क्षेत्र के विकास कार्यों से अपनी पहचान नहीं बना पाए। मगर, पार्टी के जनाधार की बदौलत मतदाताओं ने उनकी भी राह आसान कर विधायकी को बरकरार रखा।