बाराबंकी। बाराबंकी शहर की विधानसभा सीट पर दो बार से सपा जीत रही है। लेकिन इस बार के चुनाव में जनता ने किसको ताज पहनाने का मूड बनाया है यह हर किसी में चर्चा का विषय है। पिछले चुनाव में यहां से बसपा दूसरे तो भाजपा तीसरे स्थान पर रही थी। लेकिन इस बार सपा, भाजपा व बसपा सभी दलों के प्रत्याशी जातीय गणित बनाने में उलझे हुए हैं। यहां सबसे ज्यादा यादव, मुस्लिम व कुर्मी मतदाताओं की संख्या है। लेकिन सवर्ण व दलित भी कम नहीं हैं। ऐसे में यह मतदाता भी जीत-हार में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
बाराबंकी शहर की विधानसभा सीट पर बीते दस साल से सपा के धर्मराज यादव उर्फ सुरेश यादव का कब्जा है। लेकिन इस बार यहां तीन प्रमुख दलों ने पिछड़े वर्ग और एक दल ने मुस्लिम प्रत्याशी मैदान में उतारा है। ऐसे में अब जहां भाजपा सवर्ण से लेकर दलित व पिछड़ा वर्ग समेत अन्य वोट साधने में जुटी है।
वहीं बसपा दलित, मुस्लिम व कुर्मी बिरादरी को अपने पक्ष में कर रही है। इसी तरह सपा भी यादव, मुस्लिम के साथ अन्य जातियों का वोट हथियाने में लगी है। जबकि कांग्रेस ने मुस्लिम प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारकर वोट पाने की जुगत भिड़ाई है।
सपा से इस बार भी धर्मराज उर्फ सुरेश यादव, बसपा से डॉ. विवेक वर्मा व भाजपा से डॉ. रामकुमारी मौर्या मैदान में हैं। जबकि कांग्रेस ने रूही अकबाल को प्रत्याशी बनाया है। यह सीट समाजवादियों का गढ़ रही है। यहां से जहां रामसेवक यादव विधायक रहे हैं वहीं कम्युनिष्ट पार्टी के रामचंद्र बख्श ने भी तीन बार जीत दर्ज की है।
एक बार यहां पर सपा के छोटेलाल और भाजपा से संग्राम सिंह के बीच कांटे के मुकाबले में सौ से कम मतों से जीत-हार हुई थी। बसपा, भाजपा, कांग्रेस और सपा सभी का कभी न कभी विधायक चुना गया है। लेकिन इस सीट से बीजेपी की जीत अभी तक नहीं हो सकी है।
वर्ष 2017 के चुनाव में जहां सपा को 99453 वोट मिले थे। वहीं बसपा को 69748 मत मिले थे। जबकि बीजेपी तीसरे नंबर पर रही थी। उसको 67112 हजार मत मिले थे। बता दें कि इस बार शहर सीट से कुल मतदाता 3,80,763 हैं। इसमें पुरुष 203513, महिला 177215 और अन्य तीन मतदाता शामिल हैं।
जाति--मतदाता
मुस्लिम- 60 हजार
कुर्मी- 60 हजार
यादव- 75 हजार
अन्य पिछड़ा वर्ग- 20 हजार
रावत- 55 हजार
गौतम- 35 हजार
सवर्ण- 40 हजार
अन्य जाति- 13 हजार