बाराबंकी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2021 में भाग्य आजमाने वाले 31 हजार 115 उम्मीदवारों की 2 करोड़ 64 लाख 52 हजार 486 रुपये की जमानत राशि जब्त होगी। मतगणना तिथि के तीन माह के अंदर चुनावी खर्च का ब्योरा न देने पर निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जब्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई है। पंचायत चुनाव में प्रधान, बीडीसी, डीडीसी और ग्राम पंचायत सदस्य के कुल 17 हजार 131 पदों पर 31 हजार 131 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा था। जिसमें से मात्र 16 लोगों ने ही जमानत राशि वापस करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है।
कोविड काल के बीच प्रधान, बीडीसी, डीडीसी और सदस्य ग्राम पंचायत पद पर एक साथ चुनाव कराए गए थे। चुनाव के बाद दो मई को चारों पदों की मतगणना कराई गई थी। जबकि रिक्त पदों पर जून माह में उप चुनाव कराया गया था। पंचायत चुनाव में कुल 2 करोड़ 64 लाख 82 हजार 486 रुपये की जमानत राशि जमा हुई थी। जिसमें ऑनलाइन के रुप में 91 लाख 54 हजार 136 तो ऑफलाइन में एक करोड़ 73 लाख 28 हजार 350 रुपये जमा हुए थे।
आयोग की गाइड लाइन के अनुसार, मतगणना तिथि के तीन माह के अंदर प्रत्याशियों को जमानत राशि वापस लेने का समय मिलता है। इसके लिए प्रत्याशी को प्रार्थना पत्र देना होता है लेकिन जिले में निर्धारित समय के अंदर सिर्फ 16 प्रत्याशियों ने जमानत राशि वापस करने का ही प्रार्थना पत्र दिया है। इनमें प्रधान के तीन, बीडीसी के एक और डीडीसी के 12 प्रत्याशी शामिल हैं।
चुुनाव आयोग द्वारा तय की गई जमानत राशि
प्रधान पद अनारक्षित- 2000
प्रधान पद आरक्षित- 1000
बीडीसी अनारक्षित- 2000
बीडीसी आरक्षित- 1000
पंचायत सदस्य अना.- 500
पंचायत सदस्य आरक्षित- 250
पदवार बजट खर्च करने की यह थी सीमा
डीडीसी- 1,50,000
बीडीसी- 75,000
ग्राम प्रधान- 75,000
सदस्य ग्रा.प.- 10,000
पंचायत चुनाव में निर्धारित समय के अंदर 31 हजार से अधिक प्रत्याशियों ने चुुनावी खर्च का ब्योरा नहीं दिया है। इसके चलते 2.64 करोड़ से अधिक की जमानत राशि जब्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसकी रिपोर्ट आयोग को भेजी गई है।
-डॉ. राजेश सिंह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी