सिरौलीगौसपुर (बाराबंकी)। संयुक्त चिकित्सालय में ऑक्सीजन प्लांट तो लगा दिया गया लेकिन यदि बिजली चली जाए तो इस प्लांट को चलाने की कोई व्यवस्था नहीं है। या यूं कहा जाए कि आपात स्थिति से निपटने के लिए अस्पताल में लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट तैयार नहीं है। लेकिन जिम्मेदार इसको लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं जबकि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है।
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए जिले के पांच अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। इसी के तहत संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। लेकिन यहां पर इसे चलाने के लिए बेहतर इंतजाम नहीं किए गए। महज बिजली के भरोसे ही इसे चलाए जाने की व्यवस्था की गई है। लेकिन यदि अचानक बिजली चली जाए तो ऑक्सीजन प्लांट को चलाने के कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं किए गए हैं। यहां पर वर्तमान समय में 63 केवीए का जनरेटर उपलब्ध है।
जबकि ऑक्सीजन प्लांट को चलाने के लिए करीब ढाई सौ केवीए के जनरेटर की आवश्यकता है। वहीं ऑक्सीजन प्लांट में कोई भी अग्निशमन यंत्र नहीं लगाया गया है। ऐसे में यदि कोई आग संबंधी घटना घटित होती है तो उसे बुझाने के लिए भी कोई दूसरा विकल्प नहीं है। लेकिन जिम्मेदार इसको लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस संबंध में यहां की सीएमएस डॉ. नीलम गुप्ता ने बताया कि विद्युत आपूर्ति न होने पर ऑक्सीजन प्लांट चलाने के लिए कोई दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। ऐसी दशा में मरीजों को ऑक्सीजन देने के लिए जम्बू सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाएगा।