बाराबंकी। अगस्त के तीसरे सप्ताह किसानों को मिलने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ जिले के चार लाख 94 हजार किसानों को ही मिलेगा क्योंकि अपात्र पाए गए करीब चार हजार किसानों को सम्मान निधि की पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया। अपात्रों से सम्मान निधि की धनराशि की रिकवरी करना कृषि विभाग के लिए सिरदर्द बन गया है।
जिले में पांच लाख 45 हजार 499 किसान हैं। इनमें से चार लाख 97 हजार 113 किसानों को सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। अपात्रों को भी सम्मान निधि मिलने की शिकायतें किए जाने पर भारत सरकार ने किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे लाभार्थियों की रेंडम सूची जिलेवार भेजकर कृषि विभाग के कर्मचारियों से जांच कराई।
जांच में सम्मान निधि का लाभ ले रहे भूमिहीन, दंपती व नौकरीपेशा चार हजार अपात्र मिले। ऐसे में विभाग ने सम्मान निधि की पात्रता सूची से अपात्रों के नाम हटाने के बाद पात्र किसानों की सूची नौवीं किश्त के लिए भारत सरकार को भेजी है। ऐसे में अगस्त के तीसरे सप्ताह में जिले के चार लाख 94 हजार किसानों को ही सम्मान निधि का लाभ मिलेगा।
वहीं अपात्रों को नोटिस भेजने के साथ ली गई धनराशि की रिकवरी करने में कृषि विभाग को काफी दिक्कतें आ रही हैं क्योंकि सम्मान निधि का लाभ पा रहे लोग धनराशि लौटाने की बजाय कृषि विभाग में पहुंचकर कर्मचारियों से अभद्रता कर रहे हैं। हालांकि हाल में ही 17 किसानों से एक लाख 12 हजार की रिकवरी कर भारत सरकार के खाते में धनराशि जमा करा दी गई है।
उपकृषि निदेशक अनिल कुमार सागर ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ पा रहे लाभार्थियों की जांच में अपात्र पाए गए करीब चार हजार किसानों को पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया है। वहीं ऐसे चार लाख 94 हजार पात्र किसानों की सूची भेजी गई है जिनको अगस्त में सम्मान निधि का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही अपात्रों को नोटिस भेजकर उनसे रिकवरी कराई जा रही है।