गनेशपुर/ महादेवा। सरयू नदी की धारा मोड़ने को लेकर चल रहे ड्रेजिंग कार्य के दौरान काम करी कंपनी के दो कर्मचारी डूब गए। आसपास काम कर रहे मजदूरों ने एक को तो बाहर सकुशल निकाल लिया। मगर, कंपनी का सुपरवाइजर बताए जाने वाले युवक का देर शाम तक कोई पता नहीं चला। इसकी तलाश में स्थानीय गोताखोरों की टीम लगाई गई है।
हादसे के बाद बाराबंकी व बहराइच पुलिस के बीच सीमा विवाद सामने आया। ऐसे में राजस्व टीम के पैमाइश के बाद घटनास्थल बहराइच जिले का होने के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। उसके बाद रामनगर थाने की पुलिस लौट आई। सरयू में डूबा युवक हैदरगढ़ तहसील के सराय रावत गांव का है।
सरयू नदी में रामनगर थाना क्षेत्र के कोरियनपुरवा गांव के पास से शुरू हुआ ड्रेजिंग कार्य बहराइच जिले की सीमा में पहुंच गया। यहां पर ड्रेजिंग का कार्य करा रही कंपनी में हैदरगढ़ के सराय रावत गांव निवासी धर्मेश मिश्र (24) बतौर सुपरवाइजर के पद पर तैनात थे। उनके साथ आजमगढ़ निवासी रवि शुक्ला भी काम करता था। रवि ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे दोनों साथी नदी में नहाने के लिए उतरे थे। अचानक गहरे पानी में पहुंचने पर दोनों साथी डूबने लगे।
हादसा देख आसपास के लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया। इस दौरान रवि को बचा लिया गया। जबकि सुपरवाइजर धर्मेश का कुछ पता नहीं चल सका। स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश की जा रही है। ड्रेजिंग कार्य के प्रोजेक्ट मैैनेजर विशाल पांडेय ने घटना की सूचना रामनगर पुलिस को दी। मौके पर रामनगर पुलिस पहुंची लेकिन उसने जरवल थाने की पुलिस को घटना की जानकारी दी।
मगर जरवल पुलिस तीन घंटे तक सीमा विवाद में उलझी रही। विवाद यहां तक पहुंच गया कि हल्का लेखपालों को मौके पर बुलाना पड़ा। लेखपालों ने नाप की तो पता चला कि हादसा बहराइच जिले में हुआ है। इसके बाद जरवल पुलिस व प्रशासन सक्रिय हुआ। इसकी खबर सुपरवाइजर के घर पहुंची तो कोहराम मच गया। परिवारीजन मौके पर पहुंचे।