कोटवाधाम (बाराबंकी)। किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध होने वाली गन्ने की फसल अब किसानों के लिए समस्या बन गई है। कभी किसानों को मिल को गन्ना ले जाने वाले वाहनों की कमी परेशान करती है तो कभी पर्ची न होने से तौल के लिए उन्हें चक्कर लगाना पड़ता है।
क्षेत्र के किसानों को गन्ना तौल पर्ची उपलब्ध कराने के लिए दरियाबाद व रामनगर समिति के सचिव ने निरीक्षण भी किया था। इसके बाद भी दिक्कत दूर किए जाने को लेकर कोई भी प्रयास नहीं किए गए। पर्ची न मिल पाने के कारण ही परेशान किसान अपना गन्ना बिचौलियों को नकद में कम दामों पर बेचने की परेशानी भी उठा रहे हैं। कोटवाधाम गन्ना क्रय केंद्र पर 25 से ज्यादा गन्ना लदी ट्रॉली खड़ी है। लेकिन पर्ची महज पांच किसानों के पास ही थी, सिर्फ इन्हींं किसानों के गन्ने की तौल की गई। आरियामऊ गांव के किसान रामचंदर लगातार चार दिनों से केंद्र के चक्कर काट रहे है, लेकिन उनकी पर्ची न आने से तौल नहीं हो पा रही है। जदवापुर के ओमकार भी गन्ने की तौल के लिए दौड़ भाग करते नजर आए, मगर पर्ची न आने से तौल नहीं हो पाई।
मरौचा, सनावा, शेषपुर टूटरु गन्ना क्रय केंद्र पर भी सोमवार को भीड़ लगी रही। वहीं अमरा कटेहरा, गिदरापुर गन्ना क्रय केंद्र पर वाहनों की कमी के कारण किसानों के गन्ने की तौल नहीं हो पा रही है। एसडीएम प्रीति सिंह ने बताया कि किसानों को गन्ना बेचने में हो रही परेशानी दूर कराने के लिए संबंधित केंद्रों के सचिव से बात की जाएंगी। ताकि उनका गन्ना समय पर तौल कर मिल को भिजवाया जा सके।
सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।
सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।