बाराबंकी के दरियाबाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तुलना वाली विवादित होर्डिंग के मामले की पुलिस के साथ एलआईयू ने भी जांच की है। इसे लेकर भाजपा व सपा में चर्चाएं तो खूब हैं और सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्याराेप चल रहे हैं। मगर नेता खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। सपा ने इसे प्रदेश नेतृत्व पर छोड़ दिया है और भाजपाई चुप्पी साधे हैं।
मथुरा नगर रजबहा के पास सड़क किनारे सोमवार रात एक विवादित होर्डिंग लगाई गई थी। इस होर्डिंग में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को धुरंघर फिल्म के विलेन के रूप में दर्शाते हुए उनके कार्यकाल के दौरान हुए दंगों से जुड़ी खबरों की कटिंग लगाई गई थी। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कन्या पूजन करते हुए तस्वीर के साथ कानून-व्यवस्था से जुड़ी सकारात्मक छवि प्रस्तुत की गई थी।
मंगलवार दोपहर करीब चार लोग मौके पर पहुंचे और होर्डिंग को फाड़ दिया। इसके बाद इलाके में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई और इसे लेकर भाजपा व सपा समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। बुधवार को दरियाबाद पुलिस ने मौके का जायजा लिया। क्षेत्रीय विधायक व राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने भी सिर्फ जांच की बात दोहराई । वहीं सपा जिलाध्यक्ष अयाज अहमद ने कहा कि यह मामला प्रदेश नेतृत्व के संज्ञान में है और आगे की रणनीति उसी स्तर पर तय होगी। जबकि एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है, इसलिए कार्रवाई का सवाल नहीं उठता।