बाराबंकी। शहर के पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज का विशाल खेल मैदान अब व्यावसायिक गतिविधियों के बजाय अपनी असली पहचान स्पोर्ट्स हब के रूप में दर्ज कराएगा। अमर उजाला में इस मुद्दे को प्रमुखता से उजागर किए जाने पर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए खेल मैदान को संवारने का निर्देश दिया है।
डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक अमिता सिंह को जीआईसी के प्रधानाचार्य राधेश्याम संग पूरी कार्ययोजना के साथ तलब कर मैदान की वास्तविक स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से मैदान में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए समतलीकरण और मिट्टी पटाई का कार्य कराने का निर्णय लिया गया है। मिट्टी पटाई का काम पूरा होने के बाद पूरे मैदान में हरी घास लगाई जाएगी।
नई कार्ययोजना के तहत ऑडिटोरियम के बगल में रिक्त पड़ी भूमि पर वॉलीबॉल, बैडमिंटन कोर्ट के साथ-साथ खो-खो और कबड्डी का ग्राउंड विकसित किया जाएगा। वहीं सामने की ओर स्थित मुख्य खड़ंजा मार्ग के एक तरफ फुटबॉल और हॉकी का मैदान होगा तो दूसरी तरफ कुराश और एथलेटिक्स खेलों के लिए जगह आरक्षित की जाएगी।
डीआईओएस अमिता सिंह ने बताया कि जीआईसी खेल मैदान को पूरी तरह खिलाड़ियों के लिए समर्पित और सुंदर बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जल्द ही मिट्टी पटाई और समतलीकरण का काम शुरू होगा। इसके बाद खेल हब के बतौर अलग-अलग खेलों की सुविधा विकसित करने से स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बेहतरीन माहौल मिलेगा। (संवाद)
अपनी यादों का खेल मैदान बचाएंगे पूर्व छात्र
जीआईसी के खेल मैदान को उसका पुराना गौरव लौटाने और व्यावसायिक गतिविधियों से मुक्त कराने के लिए कॉलेज के पूर्व छात्र (एल्युमनाई) एक बार फिर आगे आए हैं। ऐतिहासिक धरोहर रहे इस ग्राउंड को बचाने और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं जुटाने में पूर्व छात्रों का सहयोग हमेशा अहम रहा है। इस बार भी एल्युमनाई के समन्वय से मैदान के सुंदरीकरण और विभिन्न खेलों के कोर्ट विकसित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।