मसौली (बाराबंकी)। संपत्ति बंटवारे के लिए एक युवक ने अपने पिता, पत्नी व पुत्र के साथ मिलकर अपनी सौतेली मां की हत्या कर दी। पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचा तो परिजन पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए आक्रोशित हो उठे व प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब तीन घंटे बाद पुलिस ने सभी को समझा-बुझाकर शांत कराया। तब जाकर शव का अंतिम संस्कार हो सका। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर आरोपी पुत्र को जेल भेजा है।
सफदरगंज थाना क्षेत्र के हैदरपुरवा मजरे डमौरा गांव में अपनी दो पुत्रियों के साथ अलग रह रही लज्जावती का विवाद अपने पति प्यारेलाल गौतम से शनिवार दोपहर हो रहा था। इसी बीच आगबबूला हुए सौतले पुत्र अमर सिंह ने अपनी पत्नी सोनापति और पुत्र विपिन के साथ लाठी-डंडों व धारदार हथियार से हमला कर दिया।
इसमें घायल हुई लज्जावती को परिवारीजनों ने आननफानन जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन हालत गंभीर होने पर ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया। वहां रविवार की भोर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। इसके बाद शव जब शाम को गांव पहुंचा तो पुलिस के ढुलमुल रवैये के कारण लोग आक्रोशित हो उठे और कार्रवाई की मांग करने लगे।
इसके बाद जब पुलिस ने केस दर्ज किया तो शव का अंतिम संस्कार रात करीब सात बजे के बाद हो सका। पुलिस ने आरोपी पुत्र अमर सिंह को पकड़ लिया है। प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि मृतका की पुत्री संगीता की तहरीर पर प्यारेलाल, अमर सिंह और विपिन के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने अमर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पति के उकसाने पर हुई घटना
मृतका के भाई बाबूलाल और भतीजे पिन्टू निवासी ग्राम फतेहसराय थाना जहांगीराबाद ने बताया कि प्यारेलाल की पहली शादी मेरी बड़ी बहन के साथ हुई थी। जिनके एकमात्र पुत्र अमर सिंह है और बड़ी बहन के निधन के बाद प्यारेलाल ने छोटी बहन लज्जावती से विवाह किया था। जिनसे चार पुत्रियां है। जिनमें दो पुत्रियों की शादी हो चुकी है और दो अविवाहित है। परिजनों के मुताबिक प्यारेलाल पहले अपनी पुत्रियों और मृतका के साथ रहता था।
करीब छह माह पूर्व लगभग तीस लाख की जमीन बेचने के बाद शेष बची जमीन व रुपया बेटे अमर सिंह को दे दिया। तबसे प्यारेलाल अमर सिंह के साथ रह रहा है। मृतका अविवाहित पुत्री संगीता और रीता की शादी के लिए पैसे मांग रही थी। इसी को लेकर आये दिन वाद विवाद हुआ करता था। शनिवार को भी विवाद हो रहा था तभी प्यारेलाल के उकसाने पर अमर सिंह ने अपनी पत्नी सोनापति और पुत्र विपिन के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया।