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जेल के नींबू घोटाले की डीजी ने तलब की रिपोर्ट

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बाराबंकी। जेल में नींबू खरीद के नाम पर लाखों रुपये के फर्जीवाड़ा की जांच पूरी हो चुकी है। प्रदेश के डीजी जेल ने इस मामले की जांच रिपोर्ट डीआईजी से तलब की है। डीजी ने भी गड़बड़ी मिलने के संकेत दिए हैं। ऐसे में इस मामले में जेल अफसर व कर्मचारियों की गर्दन फंसना तय माना जा रहा है। इसको लेकर जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
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जिला कारागार में इस साल के शुरूआती तीन महीनों में जब नींबू के रेट आसमान पर थे तो लाखों की खरीदारी कर ली गई। बाद में पता चला कि सिर्फ कागजों पर ही नींबू खरीदकर भुगतान कर दिया गया। जेल में निरुद्ध व तीन माह के अंतराल में छूटने वाले तमाम बंदियों ने भी बताया कि उन्हें जेल में रहने के दौरान एक भी नींबू नहीं दिया गया। जबकि जेल प्रशासन ने दावा किया कि प्रत्येक बंदी को एक-एक नींबू रोज दिया जाता है। जेल में प्रतिदिन औसतन करीब चौदह सौ बंदी/ कैदी रहते हैं। ऐसे में तीन माह के समय में करीब 36 क्विंटल नींबू खरीद की बात उजागर हुई थी।
इस मामले का खुलासा अमर उजाला ने 19 मई के अंक में खबर छाप कर किया था। इसके बाद इसे गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के डीजी जेल आनंद कुमार ने पूरे मामले की जांच डीआईजी प्रशासन कारागार लखनऊ संजीव त्रिपाठी को सौंपी थी।
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डीआईजी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट तैयार कर ली है जिसमें तमाम कमियां मिलने की बात सामने आ रही है। हालांकि अभी अफसर इस बात का खुलासा नहीं कर रहे हैं कि बाराबंकी जेल में किस हद तक गड़बड़ी मिली है। अब डीआईजी द्वारा डीजी को रिपोर्ट सौंपने के बाद ही इस मामले में होने वाली कार्रवाई की बात सामने आ सकेगी।
सप्लायर का रोक दिया भुगतान
जेल में सब्जी समेत अंडा, दूध व अन्य सामान की सप्लाई करने वाले सप्लायर का भुगतान भी इस समय रोक दिया गया है। सूत्र बताते है कि अंडा व दूध खरीद में भी खूब गड़बड़ी होती है। फर्जी बिल बनाकर बिल का भुगतान कर धन का बंदरबांट किया जा रहा है। यह मामला अब शासन स्तर पर पहुंच चुका है जिसके चलते भुगतान पर रोक लगा दी गई है। इसमें दोषी खुद को पाक साफ साबित करने के लिए भी हर कोशिश में जुट गए हैं।
नहीं थम रही मुलाकात के नाम पर वसूली
प्रदेश सरकार चाहे जितना जेलों की व्यवस्था में सुधार की बात करे लेकिन जिला जेल में इसका कोई असर नहीं हो रहा है। यहां पर बंदियों से मिलने उनके परिवारीजन आते हैं तो उनसे सौ व दो सौ रुपये की वसूली जेल के लंबरदार व बंदीरक्षकों द्वारा की जाती है।
एक महिला जेल में बंद अपने पति से दो दिन पहले मिलने गई तो उससे सौ रुपये लेने के बाद ही मुलाकात कराई गई है। इसी तरह कई अन्य लोगों ने मुलाकात के नाम पर वसूली करने की बात बताई है। इस मामले की शिकायत भी डीजी जेल से की गई है।
बाराबंकी जेल में नींबू खरीद में हुई गड़बड़ी के मामले की रिपोर्ट डीआईजी से तलब की गई है। जेल में मुलाकात के नाम पर वसूली की भी शिकायत मिल रही है। पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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-आनंद कुमार, डीजी जेल
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