बाराबंकी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर हुई भर्ती घोटाले का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आ गया है। सोमवार को एसपी विजिलेंस अयोध्या मंडल ने सीएमओ कार्यालय पहुंच एक बार फिर से मामले की जांच शुरू कर दी है। एसपी ने संबंधित पटल लिपिक से पूछताछ ही नहीं की बल्कि मामले से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगाला।
इस दौरान उन्होंने सीएमओ से सहयोग की अपेक्षा की तो सीएमओ ने उन्हें मामले में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। मामले की सूूचना मिलते ही प्रक्रिया से जुड़े कर्मियों में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा और कर्मचारी एक दूसरे से फोन कर एसपी की लोकेशन लेते नजर आए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल अफसर के 19, एएनएम के 49, स्टाफ नर्स के 69, एलटी के 18, एसटीएस के 11, एसटीएलएस के दो, सेनेटरी अटेंडेंट के दो समेत कुल 196 पदों पर संविदा भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आवेदन प्राप्त होने के बाद आननफानन इंटरव्यू कराते हुए परिणाम घोषित कर दिया गया और सफल अभ्यर्थियों को ज्वाइनिंग भी दे दी गई।
पूरा मामला तत्कालीन सीएमओ डॉ. डीआर सिंह के समय का है। इसी बीच प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन हो गया और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। आवेदकों ने भर्ती प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की शिकायत तत्कालीन सांसद प्रियंका सिंह रावत से की। इस पर प्रियंका ने इसकी शिकायत शासन स्तर पर की थी और इसी के बाद पूरे मामले की जांच सतर्कता अधिष्ठान अनुसंधान (विजिलेंस) को सौंप दी गई।
तब से पूरे मामले की जांच विजिलेंस द्वारा की जा रही थी। इधर काफी दिनों से मामला ठंडा पड़ा था लेकिन सोमवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचे एसपी विजिलेंस अयोध्या मंडल डीएन यादव ने संबंधित पटल लिपिक से पूछताछ ही नहीं की बल्कि सभी दस्तावेजों को खंगाला। एसपी ने बताया कि पूरे मामले की जांच नए सिरे से की जा रही है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत वर्ष 2016-17 में स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर 196 विभिन्न पदों के लिए आवेदन निकाल भर्ती हुई थी। इस मामले की जांच विजिलेंस द्वारा की जा रही है। सोमवार को एसपी विजिलेंस अयोध्या मंडल ने प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच की है। इस मामले में एसपी का पूरा सहयोग किया जा रहा है और उनके द्वारा जो भी दस्तावेज मांगे जाएंगे वह उपलब्ध कराए जाएंगे।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ