बाराबंकी। वृद्धावस्था पेंशन पा रहे लाभार्थियों को अब अपने पेंशन पंजीकरण नंबर से आधार लिंक कराना होगा। बिना इसके पेंशन की धनराशि खातों में नहीं पहुुंचेगी। इसके साथ ही बैंक खाते से आधार और उससे जुुड़ा मोबाइल नंबर भी जरूरी है। इस संबंध में शासन से मिले निर्देश के बाद समाज कल्याण विभाग अपने लाभार्थियों को इस व्यवस्था से अवगत कराने में जुट गया है। जिले में करीब एक लाख 15 हजार लाभार्थी वृद्धावस्था पेंशन का लाभ उठा रहे हैं।
छात्रवृत्ति योजना के बाद अब वृद्धावस्था पेंशन योजना भी आधार से जोड़ी जा रही है। योजना में पात्रों में मृतकों के लाभान्वित होने की शिकायत को दूर करने के लिए समाज कल्याण विभाग ने काम करना शुरु कर दिया है। आधार अनिवार्य होने के बाद जिले में योजना का लाभ ले रहे लगभग 1.15 लाख लाभार्थियों को अपने बैंक खाते और पेंशन को आधार से लिंक करवाना होगा। लाभार्थियों के आधार का प्रमाणीकरण हो सके, इसके लिए समाज कल्याण विभाग आगे विशेष अभियान भी चलाएगा।
हालांकि पेंशन न रुके इसके लिए लाभार्थियों को निकट के जनसेवा केंद्र पर जाकर अपने पेंशन का पंजीकरण नंबर देकर उस पर आधार नंबर दर्ज कराना होगा। वहीं बैंक खाते पर मोबाइल नंबर से लिंक आधार नंबर भी देना होगा। लाभार्थी के पास मोबाइल न होने की दशा में वह अपने परिवार के किसी भी विश्वास पात्र सदस्य का मोबाइल नंबर दे सकता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में वृद्धावस्था पेंशन की पहली किस्त जून में आनी है। इससे पहले अप्रैल से लाभार्थियों का सत्यापन भी होगा।
मृतक और अपात्रों को सूची बाहर करने के बाद शुद्ध लाभार्थियों को पहली किस्त के तहत प्रतिमाह एक हजार रुपये के हिसाब से तीन माह की पहली किस्त मिलेगी, लेकिन इसके लिए आधार का प्रमाणीकरण बेहद जरूरी किया गया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि पेंशन पंजीकरण नंबर से आधार जुुड़ा न होने पर पेंशन की रकम नहीं मिलेगी।