बाराबंकी। गर्मी ने बृहस्पतिवार को और तीखे तेवर दिखाए। जिले का अधिकतम तापमान पहली बार इस सीजन में 43 डिग्री पहुंच गया जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धूप के बीच गर्म हवा के झोंकों से लोगों को बेेेहाल होना पड़ा। मौसम विभाग का कहना है कि गर्मी व धूप से अभी निजात नहीं मिलने वाली है।
कई दिनों तक 30 से 41 डिग्री तक रहने वाला अधिकतम तापमान बृहस्पतिवार को 43 पर पहुंच गया। सुबह से ही लोग धूप व गर्मी से बेहाल होने लगे थे। दोपहर में केवल बहुत जरूरी होने पर ही लोग बाहर निकलेे। धूप से बचने के लिए छाता, गमछा, दुपट्टे, स्टोल व स्कार्फ का प्रयोग तेजी से बढ़ा है।
लोग पानी की बोतल साथ में लेकर चल रहे हैं। मौसम में तपिश के कारण पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं। कूलर ही कुछ राहत दे पा रहा है। सरकारी दफ्तरों के साथ ही लोगों के घरों में भी एसी का प्रयोग बढ़ गया है। गर्मी व धूप से सबसे अधिक परेशानी किसान व मजदूर पेशा वर्ग को हो रही है।
किसान गेहूं की मड़ाई चिलचिलाती धूप के बीच कर रहे हैं। रिक्शा चालक पूूरा दिन छांव की तलाश करते दिखते हैं। पिछले कई दिनों से उल्टी-दस्त के मरीजों का जिला अस्पताल में आना जारी है। बृहस्पतिवार को आधा दर्जन से अधिक लोग जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे।
धूप या लू लगने पर ऐसे करें बचाव
लू लगने की समस्या आम है। इसे हीट स्ट्रोक और सनस्ट्रोक भी कहा जाता है। इसके प्रकोप से शरीर के द्रव सूखने लगते हैं, जिससे पानी और नमक की कमी हो जाती है। जिला अस्पताल में तैनात डॉ. अनिल कुमार शुक्ल कहते हैं कि कमजोरी महसूस होने लगती है। ऐसी हालत में सुविधा हो तो ठंडे वातानुकूलित कमरे में रहें। सिर पर ठंडी पट्टी रखें। अधिक पसीना आने पर ओआरएस का घोल पिएं।