स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी समेत दो लोगों की डेंगू की चपेट में आकर बुधवार को मौत हो गई। डेंगू से यह जिले में तीसरी मौत है। साथ ही दो मरीजों की हालत गंभीर होने पर लखनऊ रेफर कर दिया गया है। स्वास्थ्य कर्मी की मौत के बाद आम लोगों समेत स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने डेंगू जैसे वायरस से निपटने के लिए अब तक कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनीकोडर में तैनात कुष्ठ रोग कर्मचारी (एनएमए) रामसिंगार सिंह को सोमवार को ठंड लगने के बाद तेज बुखार आया था जिनका उपचार सीएचसी में किया जा रहा था। हालत में सुधार न होते देख कर्मचारी को जिला अस्पताल से लखनऊ के विवेकानंद अस्पताल रेफर किया गया था जहां पर उपचार के दौरान बुधवार सुबह स्वास्थ्यकर्मी की मौत हो गई।
वहीं थाना टिकैतनगर क्षेत्र के ग्राम पट्टापुरकला के प्रधान बनतपती रावत (48) को 19 अगस्त को तेज बुखार आया था। जहां से उसे सीएचसी रुदौली से जिला अस्पताल रेफर किया गया था। मरीज की आईजीएम रिपोर्ट पॉजीटिव थी। जिसके बाद उसे लखनऊ के केजीएमयू रेफर किया गया था। जहां बुधवार की सुबह उपचार के दौरान मरीज की मौत हो गई।
सीएचसी बनीकोडर के कुष्ठ रोग कर्मचारी वीपी सिंह को भी डेंगू के लक्ष्ण पाए जाने पर जिला अस्पताल से लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल भेजा गया था। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। बीते 24 अगस्त को रामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम चाचूपुर सिरौलीकला निवासी विजय कुमार (40) पुत्र श्रीकिशन ने प्राइवेट पैथालॉजी में अपने ब्लड की जांच कराई जहां उसकी रिपोर्ट आईजीएम पॉजीटिव निकली।
उसे लखनऊ केजीएमयू रेफर कर दिया गया है। 20 दिन पूर्व डेंगू की चपेट में आकर शहर के मोहल्ला अयोध्यानगर निवासी संजय वर्मा के पुत्र आकाश वर्मा (22) की हालत बिगड़ती देख सफेदाबाद स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
एक माह के अंदर डेंगू की चपेट में आकर जहां तीन मौते हो चुकी हैं वहीं दो मरीज जिंदगी व मौत के बीच जूझ रहे हैं। डेंगू के बढ़ते मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग में डेंगू से बचाव के लिए नई बिल्डिंग में डेंगू वार्ड बनाया गया है। और जांच किट पर्याप्त मात्रा में मंगा ली गई हैं। लेकिन अधिकांश मरीज निजी पैथालॉजी में टेस्ट करा लेते हैं। जिससे बाहर के मरीजों की जानकारी विभाग को नहीं हो पाती है।
जिले में डेंगू से अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है और दो मरीज लखनऊ में भर्ती हैं। बीमारी की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में डेंगू वार्ड बनवा दिया गया है। जहां पर डेंगू के मरीज मिले हैं, वहां पर टीम भेजकर दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। साथ ही किसी प्रकार के भी बुखार की गंभीरता से जांच कर टेस्ट के लिए जिला अस्पताल भेजे जाने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए स्वास्थ्य टीम बनाई गई है। -डॉ. डीआर सिंह, सीएमओ