बाराबंकी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अभी तक प्रति जोड़े पर एक लाख रुपये खर्च करने संबंधी शासनादेश जारी न होने से विभाग सकते में हैं कि किस आधार पर टेंडर आदि की प्रक्रिया पूरी कर योजना लाभ दिया जाए। उधर जरूरतमंद परिवार की बेटियों की शादी के लिए विभाग को 76 लाख 50 हजार रुपये का बजट मिल गया है। विभाग ने आवेदन लेने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
योजना के तहत अभी तक प्रत्येक जोड़े पर 51 हजार रुपये खर्च होते थे। इसमें वधू के नाम 35 हजार रुपये की चेक, जेवर और कपड़ों पर 10 हजार तो पंडाल और भोजन पर छह हजार रुपये शामिल थे। लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा प्रति जोड़े पर एक लाख रुपये खर्च किए जाने की घोषणा के बाद विभाग अब इसके शासनादेश के इंतजार में है। इसमें वधू को 70 हजार रुपये, जेवर और कपड़ों पर 20 हजार रुपये तो पंडाल और भोजन पर दस हजार रुपये खर्च करने की व्यवस्था की गई है।
उधर, समाज कल्याण विभाग को जरूरतमंद परिवार की बेटियों के हाथ पीले करने के लिए 76 लाख 50 हजार रुपये का बजट निदेशालय द्वारा मुहैया कराया गया है लेकिन इस बजट को किस आधार पर खर्च किया जाए। इसे लेकर नए शासनादेश का इंतजार किया जा रहा है। पुरानी व्यवस्था के तहत इस बजट से अधिकतम डेढ़ सौ तो नई व्यवस्था के तहत मात्र 76 जोड़ों की शादियां कराई जा सकती है।
सबसे ज्यादा परेशानी विवाह सामग्री, भोजन आदि के टेंडर आदि कराने में आ रही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश प्रताप सिंह ने बताया कि 76.50 लाख का बजट मिला है पर किस आधार पर लाभ देना है, इसे लेकर उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर दिशा निर्देश लिया जाएगा।