बाराबंकी। भीषण ठंड से कांप रहे जनजीवन को इससे निजात मिलती नहीं दिख रही है। घने कोहरे के कारण हालात और अधिक खराब हो चले हैं। दोपहर करीब 12 बजे तक निकलने वाली धूप भी राहत नहीं दे पा रही है। शनिवार को धूप निकलने के बाद भी जिले का अधिकतम तापमान एक दिन पहले की अपेक्षा डेढ़ डिग्री गिरकर 18 पर आ गया। जबकि न्यूनतम तापमान 6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने रविवार को भी जिले में भीषण ठंड व घना कोहरा छाए रहने की आशंका जताई है।
पिछले चार-पांच दिनों से कोहरे के साथ हांड़कंपाऊ ठंड से जनजीवन बेहाल है। पांच दिन पहले 9 से 10 डिग्री के आसपास रहने वाला जिले का न्यूनतम तापमान अब 6 व 5 डिग्री के आसपास ही ठहर रहा है। शुक्रवार आधी रात से ही जिले में घना कोहरा पड़ने के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई।
लखनऊ-अयोध्या हाईवे, हैदरगढ़-बाराबंकी, बाराबंकी-देवा-फतेहपुर, रामसनेहीघाट-हैदरगढ़ आदि मार्ग पर देर रात वाहनों से चलने वाले लोगों को काफी धीमी गति से चलना पड़ा। क्योंकि रात में कोहरे के कारण चार से पांच मीटर की दूूरी पर ही दृश्यता काफी कम थी। शनिवार सुबह एक बार फिर घना कोहरा छाया रहा। लोग धूप निकलने का इंतजार करते रहे। करीब 12 बजे कमजोर धूप के दर्शन हुए मगर शाम होते ही गलन काफी बढ़ गई। मौसम विभाग ने शीतलहर चलने की संभावना प्रकट की है।
अलाव बना सहारा, घर में दुबके रहे लोग
हांड़कंपाऊ ठंड के कारण लोगों ने अलाव का सहारा लिया। घरों में भी लकड़ी जलाकर सर्दी से बचाव की कोशिशें जारी हैं। हीटर, ब्लोअर व ऊनी कपड़ों की खरीदारी भी अचानक बढ़ गई है। शहर में पटेल तिराहा, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन आदि जगहों पर जलाए गए अलाव के पास पुलिसकर्मी, राहगीर, रिक्शा चालक आदि भी घंटों बैठे देखे गए। हालांकि जिस प्रकार ठंड पड़ रही है वैसी व्यवस्था अलाव को लेकर नहीं दिख रही है। नगर पालिका व तहसील प्रशासन द्वारा डाली गई लकड़ी कुछ ही घंटों में समाप्त हो जाती है जिसके बाद गरीब व बेसहारा लोग ठंड से ठिठुरते रहते हैं।