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Barabanki News: 1100 साल पुराने मंदिर को कटान से बचाने में जुटा पूरा अमला

Sun, 13 Sep 2026 01:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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सूरतगंज। सरयू नदी की कटान की मार झेल रहे हेतमापुर गांव में अब डूबने की कगार पर पहुंचे 1100 साल पुराने मंदिर को बचाने की कवायद में पूरा प्रशासनिक अमला जुट गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ऐतिहासिक बाबा नारायण दास की समाधि व मंदिर को कटान से बचाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य शुरू किया गया है। शनिवार को सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर प्रभाकर प्रसाद, डीएम ईशान प्रताप सिंह व एसपी अर्पित विजयवर्गीय के साथ बाढ़ खंड के अधिकारियों ने पूरे गांव का दौरान किया। नदी की कटान को रोकने के लिए बुलडोजर की मदद भी ली जा रही है।
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रामनगर के हेतमापुर गांव में नदी के कटान से गांव का दूरभाष केंद्र, मंदिर सहित 20 घर नदी के पानी समा चुके हैं। जबकि एक प्राचीन मस्जिद का आधा हिस्सा भी नदी में डूब चुका है। हेतमापुर गांव के द्वारिका प्रसाद, संतोष कुमार, कलावती, रामलोटन, मैकूलाल, राजू, रुकसाना, बानों, शकील सहित कई परिवार बाढ़ राहत केंद्र पर शरण लिए हुए है। इनके घर नदी के पानी में पूरी तरह से विलीन हो चुके हैं। कटान के जद में बाबा नारायण दास का स्थल भी आ गया। करीब 11 सौ साल से अधिक पुराने इस मंंदिर स्थल को बचाने की गुहार सीएम योगी से गुहार लगाई गई थी।
बाबा नारायण दास धाम को बचाने के लिए जेसीबी व पोकलैंड लगाए गए हैं। इनके माध्यम से कटान रोकने के लिए किए जा रहे कार्यों में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए रामलोटन और कलावती के साथ खाली पड़े अन्य मकानों को सरयू किनारे ढहाकर रास्ता बनाया जा रहा है। शनिवार को डीएम व चीफ इंजीनियर ने मौके का निरीक्षण कर बोल्डर के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए है। इस दौरान डीएम ने बाबा नारायण दास की समाधि और मंदिर पर माथा भी टेका है।
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सिरौलीगौसपुर के तीन गांवों में कटान तेज
कोटवाधाम। सरयू नदी का जलस्तर घटने के बाद सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में कठान तेज हो गई है। बबुरी, घुटरू और सिरौली गुंग गांव के पास कटान का सबसे अधिक असर दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कटान रोकने के लिए कराया गया कार्य भी नदी की तेज धारा में बह गया। किसानों की उपजाऊ जमीन नदी में समाती जा रही है। ग्रामीणों ने जल्द कटान रोकने के लिए प्रभावी कार्य कराने और नदी की धारा को आबादी की ओर बढ़ने से रोकने की मांग की है।
बांटी गई दवाओं का मांगा गया हिसाब
बाराबंकी। जिले की तीन तहसीलों के करीब तीन दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। तमाम दावे के बावजूद बाढ़ पीड़ितों को इलाज की पर्याप्त सुविधा न मिल पाने की शिकायत को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। सीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने संबंधित सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में वितरित की जाने वाली दवाओं व अन्य संसाधनों का पूरा विवरण तत्काल उपलब्ध कराए। उन्होंने अब तक कितने बाढ़ पीड़ितों को मुफ्त इलाज सुविधा का फायदा दिया गया, इसका भी पूरा ब्योरा अधीक्षकों से तलब किया है। (संवाद)
बचाव राहत कार्यों का डीएम-एसपी ने लिया जायजा
फोटो- 01
बाराबंकी। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने शनिवार को सरयू नदी के कटान से प्रभावित हेतमापुर गांव का जायजा लिया। डीएम ने अधिकारियों को राहत कार्यों में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ खंड की ओर से कटान रोकने के प्रयासों को देखने के साथ ही संबंधित अधिकारियों को कटान की स्थिति पर निरंतर नजर बनाए रखने के लिए कहा। डीएम ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था पर जोर देते हुए पात्र परिवारों के लिए भूमि चिह्नांकन कर आवासीय पट्टे उपलब्ध कराने के लिए भी निर्देशित किया। (संवाद)
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