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नामांकन 86 हजार का, पोर्टल पर दर्ज केवल 52 हजार

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बाराबंकी। बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के नामांकन में जमकर फर्जीवाड़ा हुआ है। विभाग ने पहले तो अभियान चलाकर 86 हजार बच्चों के नामांकन का दावा किया गया। लेकिन जब विभाग के प्रेरणा पोर्टल पर इन बच्चों के पंजीकरण की बारी आई तो बच्चे ढूंढे नहीं मिल रहे हैं। क्योंकि पंजीकरण के लिए बच्चों का आधार कार्ड मांगा जा रहा है। अभी तक 86 हजार की तुलना में केवल 52 हजार बच्चों का पंजीकरण ही हो सका है।
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जिले में 2636 परिषदीय विद्यालय है। इसमें 1792 प्राथमिक विद्यालय, 475 पूर्व माध्यमिक विद्यालय, 369 कंपोजिट विद्यालय हैं। बीते वर्ष इन विद्यालयों में करीब चार लाख 10 हजार बच्चे दर्ज थे। अप्रैल में नया शिक्षा सत्र शुरु हुआ तो जिले में 87 हजार 378 बच्चों के नामांकन का लक्ष्य रखा गया था। 20 मई तक यह लक्ष्य पूरा करना था। इसे लेकर अधिकारियों ने शिक्षकों पर दबाव बनाया तो लक्ष्य से थोड़ा कम करीब 86 हजार बच्चों का नामांकन करने का दावा किया गया। लेकिन नामांकन किए गए बच्चों का प्रेरणा पोर्टल पर पंजीकरण करने का आदेश आया तो पोल खुलने लगी।
अब तक केवल 52 हजार बच्चों का पंजीकरण पोर्टल पर हो पाया है। बीएसए द्वारा लगातार खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया जा रहा है कि बच्चों का प्रेरणा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जल्द से जल्द करें। सूत्रों की माने तो पोर्टल पर बच्चों का पंजीकरण करने के लिए आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है। शिक्षकों ने लक्ष्य पाने के लिए नामांकन तो कर लिए मगर अब 86 हजार बच्चों को खोजना मुश्किल हो रहा है। कुछ शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सबसे बड़ी परेशानी आधार को लेकर ही है।
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मिड-डे मील की रिपोर्ट भी खोल रही पोल
परिषदीय विद्यालयों में संचालित मिड-डे मील योजना भी बच्चों के नामांकन व उपस्थिति की पोल खोलने के लिए काफी है। जब से नया शिक्षा सत्र शुरू हुआ तब से स्कूल बंद होने तक की मिड-डे मील की रिपोर्ट में बच्चों की उपस्थिति 50 प्रतिशत के आसपास ही रही। साफ जाहिर है कि जितने बच्चों का नामांकन बताया जाता है उसमें आधे तो स्कूल ही नहीं पहुंचे।
विद्यालयों में लक्ष्य का करीब 99 प्रतिशत नामांकन किया गया है। शिक्षकों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि जल्द से जल्द बच्चों का पोर्टल पर पंजीकरण कराएं। जहां कहीं भी फर्जीवाड़े की शिकायत मिलेगी तत्काल कार्रवाई होगी।
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-अमित कुमार, बीएसए
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