बाराबंकी। जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने के चौथे ही दिन शुक्रवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुुर्सी भी पहुंच गए। यहां उनके अचानक पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान उन्हें एक डॉक्टर समेत तीन कर्मचारी गायब मिले। उनके बारे में बताया गया कि ब्लॉक में लगे स्वास्थ्य मेले में गए हैं। डिप्टी सीएम माने नहीं और मेले में पहुंचकर इसकी पुष्टि की। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि मरीज के साथ भगवान जैसा व्यवहार करो।
दोपहर करीब एक बजे जब अस्पताल में थोड़े मरीज थे। इस दौरान अपनी गाड़ी परिसर से कुछ दूर पहले रुकवाकर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचे। काफी देर तक उन्होंने चुपचाप व्यवस्था का हाल लिया। कोई कुछ जान नहीं पाया। मगर जैसे ही स्वास्थ्य कर्मियों को मालूम पड़ा कि सामने डिप्टी सीएम खड़े हैं तो हड़कंप मच गया। श्री पाठक ने केंद्र में सफाई व्यवस्था ठीक कराने के निर्देश दिए। अंदर पहुंचकर उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर मांग लिया।
रजिस्टर का अवलोकन करने के बाद उन्हें अस्पताल में डॉ. अर्जुन चौधरी, स्वास्थ्य कर्मी इकबाल हुसैन जैदी व प्रमोद सैनी नदारद मिले। फार्मासिस्ट एसके भारती ने बताया कि डॉ. चौधरी बड्डूपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अटैच हैं। अन्य कर्मचारी निंदूरा ब्लॉक में आयोजित स्वास्थ्य मेले में गए हैं। यह सुनने के बाद उप मुख्यमंत्री ने फार्मासिस्ट को अपने साथ लिया और निंदूरा ब्लॉक पहुंच गए।
यहां स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण करने के दौरान उन्हें जब पता लगा कि डॉक्टर व कर्मचारी यहां हैं तब वह संतुष्ट हुए। डिप्टी सीएम ने सीएचसी घुंघटेर के अधीक्षक डॉ. आरपी वर्मा को निर्देश दिया कि मरीजों के साथ शालीन व्यवहार करें। उन्हें भगवान का दर्जा दें।
डिप्टी सीएम की खबर का बाक्स-
बाराबंकी। पांच दिन के अंदर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दो बार जिले की स्वास्थ्य सेवाएं परखीं। दोनों बार बिना बताए अस्पतालों में पहुंच गए। इससे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दंग हैं। सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा ने सभी सीएचसी व पीएचसी के चिकित्साधिकारियों को निर्देश दे दिया है कि अगर गैर हाजिर रहे तो वेतन काटा जाएगा। कड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।
लोगों का कहना है कि निरीक्षण के दौरान जो कमियां पाई गईं उनका निस्तारण हो तब तो बात बने। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल की हृदय रोग विभाग की ओपीडी साढ़े तीन माह से बंद है। रोज दर्जनों लोग लौट रहे हैं। सोमवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण करते वक्त डिप्टी सीएम के सामने यह बात उजागर हुई थी। मगर डॉक्टर की तैनाती चार दिन बाद भी नहीं हो सकी है। हालांकि जिला अस्पताल में पर्चा बनाने के लिए दो और काउंटर बना दिए गए हैं और वाटर प्लांट व पंखे ठीक कराए गए हैं। संवाद