आकाश हत्याकांड में नामजद तीन आरोपियों ने शनिवार को कोर्ट में किया सरेंडर।
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आकाश हत्याकांड के तीन आरोपियों ने शनिवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग सकी। जबकि पुलिस द्वारा आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी करने की बात कही जा रही थी। आरोपियों द्वारा अदालत में हाजिर होने के पीछे कुछ बड़े पुलिस अफसरों की मिलीभगत होने की बात की भी चर्चा में है।
शहर में 17 जनवरी की रात निबलेट तिराहे के पास कमरियाबाग मोहल्ला निवासी भांग ठेकेदार आकाश जायसवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने मृतक के पिता ओमप्रकाश जायसवाल की तहरीर पर दिनेश जायसवाल समेत छह नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
नामजद आरोपी दिनेश जायसवाल, मुकेश जायसवाल व राजकुमार जायसवाल निवासी मोहल्ला कानूनगोयान ने शनिवार को सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। तीनों आरोपियों को सीजेएम प्रशांत कुमार ने न्यायिक हिरासत में 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है। वहीं, घटना में तीन नामजद व तीन अज्ञात आरोपी अब भी पुलिस पकड़ से दूर हैं।
पुलिस की मिलीभगत की चर्चा
पुलिस अधिकारी आकाश हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ने के लिए पांच टीमें द्वारा लगातार छापेमारी करने की बात कहते रहे और तीन आरोपी अदालत में सरेंडर करके जेल चले गए। इसको लेकर सीजेएम कोर्ट के बाहर दिनभर इस बात की चर्चा रही कि आरोपियों को सरेंडर कराने के लिए पहले पुलिस के बड़े अफसरों से सेंटिग हुई है और उसके बाद बड़े ही आराम से इन्हें अदालत पहुंचाया गया। मामले में पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे मेें है।