कृषि विभाग के अधिकारियों की चार टीमों ने ब्लॉकवार उर्वरक की 45 दुकानों पर छापेमारी की। छापेमारी की सूचना से उर्वरक विक्रेताओं में हडकंप मच गया। कई दुकानदार तो दुकाने बंद कर फरार हो गए। ऐसे में 7 दुकानों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया वहीं एक उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस निलंबित किया गया।
धान की रोपाई होने के बाद अब किसानों के उर्वरक की आवश्यकता होगी। ऐसे में किसानों को निर्धारित दाम पर खाद मिले इसको लेकर स्टाक आदि की जांच के लिए गुरूवार को कृषि विभाग की चार टीमों ने तहसीलवार उर्वरक की दुकानों की जांच की। कृषि विभाग की छापेमारी की खबर से उर्वरक विक्रेताओं में हडकंप मच गया। उपकृषि निदेशक अनिल कुमार सागर ने रामनगर तहसील की उर्वरक की आठ दुकानों पर छापेमारी कर पांच नमूने लिए।
वहीं जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने हैदरगढ़ व रामसनेहीघाट तहसील की 18 दुकानों पर छापेमारी कर आठ नमूने लिए। हैदरगढ़ तहसील में बंद मिली न्यू शिव खाद भंडार, दीक्षित खाद भंडार कोठी व अभिलेख अपूर्ण मिलने पर शांति फर्टिलाइजर्स भिटरिया को नोटिस भेजा। वहीं दूसरी ओर दुकान बंद कर भाग रहे अमरदीप खाद भंडार भिटरिया को लाइसेंस निलंबित किया गया। जिला कृषि रक्षा अधिकारी प्रीति किरन बाजपेयी ने फतेहपुर तहसील की 10 दुकानों पर छापेमारी कर पांच नमूने लिए। वहीं बंद मिली गुप्ता एजेंसी फतेहपुर, आर आर के इंटरप्राइजेज फतेहपुर व सुपर खाद भंडार फतेहपुर को नोटिस भेजी गई है। इसी क्रम में भूमि संरक्षण अधिकारी गोमती संतलाल ने सिरौलीगौसपुर की नौ दुकानों पर छापेमारी कर चार नमूने लिए। जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए।