जानलेवा बनी बारिश से पूरी तरह से जन जीवन प्रभावित हो गया है। दर्जनों मकान जमींदोज हो गए है। इसमें घायल होकर अब तक चार की जान जा चुकी है। वहीं तीन युवतियों समेत घायल चार का इलाज किया जा रहा है। गुरुवार की सुबह रिमझिम फुहारों के बीच हुई बारिश तो बंद हो गई। मगर, उसके बाद समस्याएं बढ़ गई है। जहां बारिश थमने के बाद मकान गिर गए है। वहीं विद्युत व्यवस्था धवस्त होने से लोगों की समस्याएं बढ़ गई है। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से जगह-जगह यातायात व्यवस्था बाधित रही। वहीं निकासी की व्यवस्था न होने से लोगों को जलभराव की समस्या से अभी राहत मिलती नही दिख रही है।
कई दिनों से दिन रात होने वाली बारिश से गुरुवार की दोपहर बाद से थम गई। हालांकि आसमान छाए रहे। गुुुुरूवार को हुई बारिश 8.4 मिमी रिकार्ड की गई। जिसके बाद लोगों ने राहत महसूस की। मगर, उसके बाद लोगों की समस्याएं और बढ़ गई है। असंद्रा थाना क्षेत्र के दीवार के नीचे दबकर घायल जगरानी पत्नी जगमोहन की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत के बाद अब तक मरने वालों की संख्या चार हो गई है। वहीं सिरौलीगौसपुर के मेलारायगंल में आधा दर्जन मकान व छत व टीनशेड गिरने से तीन युवतियां घायल हो गई है। इसमें नशीना पुत्री तालिब, कुसुम पुत्री राजिंदर व शबनम पुत्री पप्पू घायल हुईं हैं।
वहीं दिनेश व ओंकार के घर भी भरभरा कर ढह गए है। उधौली गांव के निवासी राधेरमण शुक्ला व सेमरहा निवासी सत्यप्रकाश का घर गुरूवार की सुबह भरभरा कर गिर गया। जैदपुर क्षेत्र के इसरौली शेख निवासी लायक राम के मकान की छत गिरने से घर गृहस्थी का सामान दब गया। वहीं मलबे में दबकर लायक राम भी घायल हो गए। असंद्रा थाना क्षेत्र के गौरिया गांव में भी बारिश से करीब पच्चीस मकान ढह गए। वहीं नगर कोतवाली क्षेत्र के आलापुर में भी मकान की छत गिर गई। रामसनेहीघाट क्षेत्र में भिटरिया बाराबंकी मार्ग पर दयारामपुरवा के समीप नहर पुलिया पर बबूल का पेड़ गिरने से घंटों मार्ग जाम रहा। इसी प्रकार शहर के लखनऊ-बाराबंकी मार्ग पर पेड़ गिरने से काफी समय तक आवागमन बाधित रहा। तो शहर के ही दूध मंडी में पेड़ गिरने से उसके नीचे खड़ी कार क्षतिग्रस्त हो गई।