जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के बेरिया गांव स्थित श्रीकृष्ण गुलाबदेई इंटर कॉलेज में केजी में पढ़ने वाले एक बच्चे को बुधवार को स्कूल के प्रधानाचार्य व शिक्षिका ने जमकर पीटा। प्रधानाचार्य ने बच्चे को धक्का दे दिया जिससे उसका सिर भी फट गया है।
परिवारीजनों ने मामले की शिकायत पुलिस से कर कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि बच्चे का सर पिटाई से नहीं बल्कि झूले से नीचे गिरने से फटा है। पुलिस द्वारा मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के हबीपुर गांव निवासी पंकज मिश्रा का पुत्र आशू मिश्रा (7) क्षेत्र के ही श्रीकृष्ण गुलाबदेई इंटर कॉलेज में केजी का छात्र है। पिता पंकज मिश्रा का आरोप है कि स्कूल के प्रधानाचार्य ओमप्रकाश व एक शिक्षिका ने बुधवार को उनके पुत्र की बिना किसी वजह की पिटाई कर दिया। आरोप है कि प्रधानाचार्य ने उनके बेटे को धक्का दे दिया जिससे वह स्कूल की फर्श पर गिर पड़ा और उसका सिर फट गया।
पंकज का कहना है कि इस बात की जानकारी होने पर जब वह स्कूल गए तो वहां पर प्रधानाचार्य व अन्य स्टाफ उनके साथ अभद्रता व मारपीट करने पर अमादा हो गया। इसके बाद बेटे आशू मिश्रा का इलाज कराने के बाद उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस से कर स्कूल प्रधानाचार्य व शिक्षिका पर कार्रवाई करने की मांग की है।
डीएम के आदेश के बाद भी खुला था स्कूल
डीएम अजय यादव ने गर्मी को देखते हुए कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को 16 मई से ही बंद करने का आदेश दिया था। लेकिन बेरिया का यह स्कूल डीएम का आदेश न मानते हुए बुधवार को भी खुला था। इस भीषण गर्मी में यहां पर बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने की बात भी सामने आई है। ऐसे में क्या डीएम स्तर पर स्कूल प्रबंधन पर कोई कार्रवाई होगी यह बात हर व्यक्ति की चर्चा में बनी है।
प्रधानाचार्य ने कहा झूले से गिरा छात्र
स्कूल के प्रधानाचार्य ओमप्रकाश का कहना है कि केजी का छात्र आशू स्कूल में खेलते समय झूले से नीचे गिर गया जिससे उसका सिर फूट गया। कहा कि स्कूल के द्वारा छात्र का इलाज करवाया गया है। छात्र के पिता के आरोपों को निराधार बताया है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
एसओ जहांगीराबाद वकील सिंह यादव का कहना है कि छात्र स्कूल में खेलते समय झूले से गिर गया है जिससे उसका सर फटा है। एसओ ने कहा छात्र के पिता ने जो आरोप लगाए है उनकी जांच पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी।
बीईओ करेंगे जांच
डीएम साहब के आदेश के बाद भी स्कूल कैसे खुला था। इस मामले को देखा जाएगा। किसी बच्चे को पीटने की बात तो दूर कोई शिक्षक बच्चे को किसी भी प्रकार की शारीरिक सजा नहीं दे सकता। पूरे मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी रामनगर को सौंप तीन दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है।
-पीएन सिंह, बीएसए