दहेज हत्या के एक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी पति को 10 वर्ष की कैद और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मामले मेें आरोपी ससुर को संदेह के लाभ में दोषमुक्त करार दिया है। जुर्माने की राशि में से दस हजार रुपये मृतका की मां को दी जाएगी।
सहायक शासकीय अधिवक्ता अमर सिंह यादव ने बताया कि थाना रामनगर के सीहामऊ निवासी उत्तम कुमार ने बेटी गीता की शादी मई 2010 मेें कोतवाली बदोसरांय के ग्राम दरिगापुर के ऋषिकुमार उर्फ शिवकुमार के साथ की थी। विवाह के बाद से ही ऋषि कुमार, ससुर बजरंग दहेज में बाइक की मांग करते थे। इसके लिए उसे प्रताड़ित करते थे।
दहेज की मांग पूरी न होने के कारण आरोपियों ने गीता की गला दबाकर हत्या कर दी थी। घटना की रिपोर्ट 28 फरवरी 2013 को उत्तम कुमार ने कोतवाली बदोसरांय में दर्ज कराई। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान 6 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सेशन जज आरबीएस मौर्या ने आरोपी पति ऋषि को दोषी पाते हुए दस वर्ष की सजा सुनाई।