कोतवाली पुलिस की मनमानी इस कदर हावी है कि अपनों कोे भी नहीं छोड़ा। कोतवाली नगर में तैनात दीवान की दुर्घटना के बाद कोतवाली में खड़ी उसकी बाइक से कुछ दिन बाद ही पुलिस ने दोबारा दुर्घटना दिखा दुर्घटना का मुकदमा दर्ज कर लिया। अब परेशान दीवान अपनों से मदद की गुहार लगा रहा है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिस पर पीड़ित ने एसपी से मामले की शिकायत की है।
पीड़ित कैैलाशनाथ वर्मा ने बताया कि वह कोतवाली नगर में दीवान पद पर तैनात है। पिछले साल 10 अक्तूबर 2015 को नगर पालिका में आम आदमी पार्टी की रैली में ड्यूटी लगी थी। ड्यूटी के बाद वह अपनी बाइक यूपी 32 डीजे 9731 से कोतवाली आ रहा था। देवा तिराहा पर अनुबंधित बस ने ठोकर मार दी। दुर्घटना में वह बेहोश हो गया। पुलिस ने उसको जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने ट्रॉमा सेंटर लखनऊ भेज दिया। बाइक व अनुबंधित बस को कोतवाली में खड़ा किया गया था। पुलिस ने कोतवाली में मुकदमा संख्या 672/15 दर्ज किया था। इस दौरान घायल एचसीपी कैलाशनाथ वर्मा दो माह 22 दिन के मेडिकल पर रहा और ट्रॉमा सेंटर में ही उपचार करा रहा था। दो जनवरी 2016 को कोतवाली में आमद दर्ज कराई।
ड्यूटी जॉइन करने पर मालूम हुआ कि पीड़ित के खिलाफ पिछले साल ही 23 अक्तूबर 2015 को उपचार करा रहे कैलाश की बाइक से दुर्घटना दिखा फिर से मुदकमा संख्या 736/15 किया गया है। इस दिन हुई दुर्घटना में चौकी मंडी के सिपाही पारसनाथ यादव दोनाें बाइक को कोतवाली में मुंशी को नोट करा गए थे। जिसमें एक बाइक कैलाशनाथ की थी। जो पहले से ही कोतवाली परिसर में खड़ी थी। जबकि दूसरी बाइक को छोड़ दिया गया था। पीड़ित कैलाश नाथ का कहना है जब उसकी बाइक पहले से ही कोतवाली परिसर में खड़ी थी तो उससे दुर्घटना कैसे संभव है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मामले की शिकायत कर न्याय दिलाए जाने की गुहार लगाई है।