एमडीएम घोटाले में 41 लाख की हिस्सेदार व मामले की आरोपी साधना ने सोमवार को सीजेएम कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। सीजेएम संजय यादव ने उन्हें 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। इस मामले की विवेचना कर रही क्राइम ब्रांच को काफी समय से साधना की तलाश थी। मगर, उसके कई ठिकानों पर छापेमारी करने के बाद भी वह पुलिस के हाथ नही लगी। सोमवार को उसने अपने अधिवक्ता के साथ न्यायालय में सरेंडर कर दिया। मगर, पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों के निवाले की सवा चार करोड़ से अधिक की धनराशि निजी खातों में भेजकर घोटाला किया गया। इसके बाद घोटाले बाजों ने इस रकम को गोवा के कैसिनो में जमकर उड़ाया। एमडीएम के जिला समन्वयक राजीव शर्मा व उसका निजी आपरेटर रहीमुद्दीन यह घोटाला वर्ष 2014 से कर रहा था। बीएसए वीपी सिंह ने इस घोटाले को पकड़ने के बाद नगर कोतवाली में जिला समन्वयक राजीव शर्मा, रहीमुद्दीन व उसकी दोस्त रोजी व साधना के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
उसी समय पुलिस ने राजीव व रहीमुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि साइबर क्राइम टीम ने रोजी व एक अन्य को गिरफ्तार कर 22 फरवरी को जेल भेजा था। इस मामले में साधना फरार चल रही थी। साधना के खाते में भी घोटाले की 41 लाख रुपये की रकम भेजी गई थी। सोमवार को साधना ने अपने अधिवक्ता के सहयोग से सीजेएम न्यायालय पर आत्मसमर्पण कर दिया।