बाराबंकी/ सफेदाबाद। सफेदाबाद रेलवे स्टेशन के पीछे बम मिलने के मामले में शुक्रवार की देर रात तक पुलिस के आला अफसर परेशान रहे। एडीजी जोन विजय भूषण शर्मा के मौके का जायजा लेने के बाद देर रात सतरिख थाने में अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कराया गया और मौके पर मिले सामग्री को जांच के लिए आगरा भेजा गया।
इसके बाद स्टेशन से दो सौ मीटर दूरी पर मिले पांच-पांच टाइम बम के पीछे किसी की साजिश है या शरारत, इस पर पुलिस ने जांच शुरू की है। शनिवार को आसपास के गांवों में पहुंची पुलिस ने इस संबंध में ग्रामीणों से पूछताछ की। बम मिलने के मामले की मॉनीटरिंग उच्च स्तर से होने को लेकर पुलिस कुछ भी कहने से बचती दिखी। हालांकि सभी को इंतजार है तो आगरा स्थित प्रयोगशाला भेजे गए निष्क्रिय बम व बरामद सामग्री की जांच रिपोर्ट का।
बाराबंकी के सफेदाबाद रेलवे स्टेशन से दो सौ मीटर दूर पांच टाइम बम मिलने के मामले में शुक्रवार को रात भर पुलिस हलकान रही। देर रात एडीजी जोन मौके पर पहुंचे तो घंटों तक इसको घटना को लेकर अफसर आपस में गुफ्तगू करते रहे। इस घटना की गंभीरता से पड़ताल के निर्देश के बाद ही देर रात सतरिख थाने में अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने ही केस दर्ज कराया। वहीं बम मिलने वाले स्थल के आसपास की निगरानी के लिए पुलिस की टीमें लगाई गईं।
उधर, इलाके में दूसरे दिन सुबह से ही बम मिलने की दहशत देखने को मिली। मिले बम को भले ही एटीएस के बम डिस्पोजल दस्ते ने निष्क्रिय कर दिया हो। मगर, आसपास कहीं और बम तो नहीं, इसको लेकर जीआरपी, आरपीएफ के साथ जिला पुलिस काफी परेशान दिखी।
शनिवार को आसपास के इलाके की कॉम्बिंग कर रेलवे स्टेशन व कुछ दूरी पर जर्जर पड़े कर्मचारियों के आवास तक को खंगाला। मगर, उनके हाथ कुछ नहीं लगा। सतरिख के प्रभारी निरीक्षक व लखैंचा के चौकी प्रभारी ने रेलवे स्टेशन के पीछे बसे परेठिया, सरथरा व हांसेमऊ गांव में जाकर ग्रामीणों से पूछताछ की। सीओ सदर नवीन सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। वहीं आसपास के क्षेत्र की निगरानी भी पुलिस कर रही है।
होटल-ढाबों से लेकर गांव तक होती रही बम मिलने की चर्चा
स्टेशन के पीछे बम के मामले की सच जानने की जिज्ञासा आम से खास सभी में दिखी। इसको लेकर शनिवार को होटल-ढाबों व दुकानों से लेकर गांव तक में लोग इसकी चर्चा करते रहे। कोई इसे सुरक्षा व्यवस्था की नब्ज टटोलने को लेकर पुलिस का रिहर्सल बता रहा था तो कोई बड़ी साजिश। मामला कुछ भी हो मगर, पुलिस साजिश या शरारत का पता चलाने के लिए आम आदमी की तरह होटल-ढाबों पर बैठकी कर पता लगाने में जुटी है।
पैमाइश के बाद साफ हुई तस्वीर, नगर कोतवाली क्षेत्र में मिले थे बम
सफेदाबाद। बम मिलने की सनसनीखेज घटना के बाद पुलिस-प्रशासन ही नहीं सुरक्षा एजेंसियां भी दूसरे दिन घटनास्थल का खाका तैयार करने में जुटी रहीं। सफेदाबाद रेलवे स्टेशन के पीछे वन विभाग के जंगल में जहां पांच-पांच टाइम बम मिले थे। वह क्षेत्र किस थाना क्षेत्र में है। इसकी भी राजस्व टीम ने जांच की।
राजस्व निरीक्षक रेनू वर्मा व हल्का लेखपाल सुनील शुक्ला तथा सतरिख थाने की लखैचा चौकी प्रभारी की टीम ने पैमाइश की तो वह स्थल नगर कोतवाली क्षेत्र की सीमा में पाया गया। जिस स्थल पर बम मिले उसके दोनों ओर कच्चे रास्ते हैं। इस पर हमेशा लोगों का आवागमन बना रहता है। इससे 50 मीटर की दूरी पर स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर एक तो करीब दो सौ मीटर दूर रेलवे स्टेशन का भवन है।
अराजकतत्वों का पनाह घर बने कर्मचारियों के जर्जर आवास
रेलवे स्टेशन के कर्मचारियों के जर्जर आवास तो अराजकतत्वों के पनाह घर बन गए हैं। निष्प्रयोज्य आवासों तक पुलिस व जीआरपी की गश्त न होने से जुआरियों व नशेड़ियों के लिए मुफीद बने हैं। ट्रेन यात्रियों से आए दिन छिनैती करने के बाद बदमाश इसी सुनसान स्थल पर आकर छिप जाते हैं। बम मिलने के बाद पुलिस जांच में यह बात भी निकलकर सामने आई।
स्टेशन पर उगी झाड़ियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
सफेदाबाद। साफ-सफाई न होने से सफेदाबाद रेलवे स्टेशन झाड़ियों में तब्दील हो गया है। इससे रेलवे स्टेशन की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्टेशन के दो नंबर प्लेटफार्म पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हैं। जहां दिन में भी कोई छिपकर बैठ जाए तो उसका पता लगाना आसान नहीं होगा। यही कारण है कि दो नंबर प्लेटफार्म पर जाने से यात्री तक घबराते हैं।
शुक्रवार को मिले यह बम इस प्लेटफॉर्म की झाड़ियों में छिपाये या फेंके गए होते हो हादसा होने से कोई रोक ही नहीं सकता था। गनीमत रही कि ग्रामीण ने इसे देखा और पुलिस को सूचना दी। इसकी चर्चा तो तीन दिनों से थी। मगर, झाड़ियों के बीच जाने की कोई हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। इसके बावजूद रेलवे स्टेशन की सुरक्षा शनिवार को नहीं बढ़ाई गई। सफेदाबाद स्टेशन अधीक्षक मनोज यादव ने बताया कि वर्ष 2020 से उनके पास सफाई के मद में कोई पैसा नहीं आया है । इसलिए स्टेशन पर उगे जंगल को कटवाया नहीं जा सका है।
बम जैसी जो सामग्री मिली थी। उसको आगरा स्थित लैब में जांच को भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही इस बारे में कुछ कहना उचित होगा। हालांकि सतरिख थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। यह किसी की साजिश थी या शरारत, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
-अनुराग वत्स, एसपी