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महिलाओं का गैंग बनाकर वसूली कर रहा था सिपाही

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बाराबंकी। महिलाओं का गैंग बनाकर वसूली करने का सिपाही का नायाब तरीका तबादले के बाद भी जारी रहा। शिकायत पर सिपाही को चेतावनी दी गई। बावजूद इसके उसकी सक्रियता कम नहीं हुई। इसी बात को लेकर दरोगा से विवाद हुआ तो थप्पड़ मारने की शिकायत पर जांच शुरू हुई। मामला यहीं नहीं थमा।
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इसी बीच एक महिला ने थाने के दरोगा व सिपाहियों पर अगवा कर थाने में प्रभारी समेत छह पर गैंगरेप का आरोप लगाया। एसपी ने मामले की जांच कराई तो महिलाओं का गैंग बनाकर वसूली करने की बात सामने आई। इस पर एक दिन पहले निलंबित किए गए सिपाही, दो महिलाएं व एक अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी मनोज कुमार पाण्डेय ने बुधवार को इसका खुलासा किया। एएसपी ने बताया कि रायबरेली के बछरावां थाना क्षेत्र के सेहगों निवासी अरविंद वर्मा ने मंगलवार को सतरिख थाने में शिकायत की कि उसका कोठी थाना क्षेत्र के गुलरिहा गांव में अपने मामा अनिल वर्मा के यहां आना-जाना था।
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बीते 14 सितंबर को एक युवती से उसकी फोन पर बात हुई जिसने मिलने के लिये उसे भानमऊ चौराहे पर बुलाया। वहां पहुंचने पर युवती उसे एकांत स्थान पर ले गई। जहां पर पहले से मौजूद एक महिला ने उसकी पर्स निकाल लिया और फोन करके एक पुलिसकर्मी व एक अन्य व्यक्ति को बुला लिया।
पुलिसकर्मी द्वारा उसे और उसके मामा को आपराधिक मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर उससे धन उगाही की गई। जिस पर आरक्षी धर्मेंद्र यादव, श्रवण कुमार, पूजा, सुनीता देवी उर्फ पंडिताइन के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
इसके बाद सतरिख पुलिस की टीम ने पुलिस लाइंस के सिपाही धर्मेंद्र कुमार यादव, कोठी थाना क्षेत्र के कोटवा निवासी श्रवण कुमार यादव, सराय मोहद्दीनपुर निवासी पूजा रावत व दौलतपुर निवासी सुनीता देवी उर्फ पंडिताइन को गिरफ्तार किया गया। एएसपी ने बताया कि महिलाओं के सहयोग वाले इस गैंग से राहगीरों को अपने जाल में फंसाया जाता था। उसके बाद सिपाही की मदद से वसूली की जाती थी। सिपाही समेत चारों को जेल भेज दिया गया है।
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