बाराबंकी। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की फर्जी तरीके से एंबुलेंस पंजीकरण मामले में पुलिस ने तीन और लोगों को केस में आरोपी बनाया है। जबकि इस मामले में अभी तक चार आरोपी जेल भेजे जा चुके है। जबकि दो इनामी आरोपी समेत पांच आरोपी अभी तक फरार है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में मऊ व गाजीपुर जिले में पहुंचकर जुटी है। इस केस में अब तक मुख्तार अंसारी सहित कुल 10 लोगों के नाम शामिल हो चुके हैं।
फर्जी प्रपत्र के आधार पर वर्ष 2013 में पंजीकृत कराई गई मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस मामले में बीते दो अप्रैल को शहर कोतवाली में केस कराया गया था। मामले में मऊ जिले की अस्पताल संचालिका डॉ. अलका राय को नामजद किया गया था। इसके बाद पुलिस ने जांच करते हुए डॉ. अलका के सहयोगी मऊ के ही डॉ. शेषनाथ राय सहित राजनाथ यादव, आनंद यादव के साथ-साथ मुख्तार अंसारी, उसके विधायक प्रतिनिधि मो. सैयद मुजाहिद, मो. जाफरी उर्फ शाहिद को भी आरोपी बनायी गया है।
इस मामले में अब तक पुलिस ने डॉ. अलका राय, शेषनाथ राय, राजनाथ यादव व आनंद यादव को जेल भेज चुकी है। इसके अलावा मुख्तार अंसारी बांदा जेल में निरुद्ध जहां पुलिस ने उससे पूछताछ की है। अब पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के आधार पर एंबुलेंस चालक और उसमें हमेशा मुख्तार के साथ चलने वाले तीन लोगों को भी आरोपी बनाया है।
ये लोग जो आरोपी बनाए गए है उनमें गाजीपुर जिले के मंगल बाजार के रहने दो चालक सलीम ओर सुरेंद्र शर्मा व अफरोज खान को भी आरोपी बनाया है। बताया जा रहा है कि पंजाब जेल में निरुद्ध रहने के दौरान यह तीनों मुख्तार अंसारी के साथ रहते थे। पुलिस अब इन आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
फर्जी प्रपत्र के आधार पर एंबुलेंस पंजीकरण मामले में अभी कई और लोगों को आरोपी बनाया जा रहा है। पुलिस जांच में जिनके नाम सामने आ रहे हैं उनके खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई हो रही है।
-यमुना प्रसाद, एसपी