बाराबंकी। डॉक्टर से प्रशासनिक अधिकारी बने चिकित्सक अब अस्पतालों में बैठकर मरीज देखेंगे। शासन से मिले आदेश के बाद इसका अनुपालन भी शुरू हो गया है और बाकायदा रोस्टर जारी कर दिया गया है कि कौन अधिकारी किस दिन किस अस्पताल में बैठकर मरीजों को देखेगा।
सीएमओ द्वारा जारी रोस्टर के अनुसार, वह खुद सीएचसी देवा में सोमवार से बुधवार तीन दिन मरीजों को देखेंगे। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. डीडी पाल इस दौरान सीएमओ के साथ ही मौजूद रहकर मरीज देखेंगे। एसीएमओ डॉ. केएनएम त्रिपाठी सीएचसी जाटा बरौली में बृहस्पतिवार से शनिवार तक बैठेंगे।
इसी प्रकार एसीएमओ डॉ. अनिल पंकज कोठी में सोमवार से बुधवार तक, एसीएमओ डॉ. डीके श्रीवास्तव जिला महिला अस्पताल में बृहस्पतिवार से शनिवार, एसीएमओ डॉ. अतुलेेेश गौतम सीएचसी सिद्धौर में बृहस्पतिवार से शनिवार तक बैठ कर मरीज देखेंगे।
इसी प्रकार एसीएमओ डॉ. उमाशंकर नगरीय पीएचसी मालगोदाम रोड में बृहस्पतिवार से शनिवार तक, डॉ. राजीव सिंह सिरौलीगौसपुर में बृहस्पतिवार से शनिवार, डॉ. राम नरायन वर्मा पीएचसी गंगौली घुंघटेर में बृहस्पतिवार से शनिवार तक, डॉ. मनोज गुप्ता हैदरगढ़ में सोमवार से बुधवार तक, डॉ. संजय बाबू जिला चिकित्सालय में सोमवार और बुधवार, फतेहपुर में मंगलवार को तथा डॉ. सुधीर चंद्रा सीएचसी सतरिख में बृहस्पतिवार से शनिवार तक मरीज देखेंगे।
सीएमओ डॉ. बीकेएस चौहान ने बताया कि शासन से मिले आदेश का अनुपालन शुरू करा दिया गया है। सभी एसीएमओ को किस अस्पताल में किस दिन मरीज देखना है इसका रोस्टर बनाकर जारी कर दिया गया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चार विशेषज्ञ, बाकी एमबीबीएस
डॉ. संजय बाबू नेत्र सर्जन हैं, डॉ. मनोज कुमार गुप्ता जनरल सर्जन, डॉ. राजीव सिंह और डॉ. डीके श्रीवास्तव नेत्र रोग विशेषज्ञ हैं। इसके अलावा सीएमओ एनेस्थेसिस्ट हैं। अन्य चिकित्सक जैसे डॉ. डीडी पाल, डॉ. केएनएम त्रिपाठी, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. उमाशंकर, डॉ. रामनरायन, डॉ. सुधीर चंद्रा आदि एमबीबीएस ही हैं।