बाराबंकी। पिछले ब्लॉक प्रमुख चुनाव में 14 सीटों पर जीत का परचम लहराने वाली सपा के लिए इस बार अपना गढ़ बचाना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। क्योंकि इस बार भाजपा सत्ता में है और सपा को कड़ी चुनौती देने के लिए पूरे दमखम के साथ मैदान में है। हालांकि शुक्रवार को भाजपा की एक उम्मीदवार ने नाम वापस लेकर भाजपा को झटका जरूर दिया है लेकिन भाजपा इसकी भरपाई अन्य ब्लॉकों से करने के लिए पूरी तरह से जुटी हुई है।
पिछले बार वर्ष 2015-16 में हुए ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में सपा ने देवा, सिद्धौर, हरख, दरियाबाद, बनीकोडर, निंदूरा, हैदरगढ़, त्रिवेदीगंज में अपने उम्मीदवार जिताए थे। सत्ता में होने की वजह से सिरौलीगौसपुर, फतेहपुर, सूरतगंज, रामनगर, बंकी और मसौली के उसके उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। जबकि पूरेडलई की सीट बसपा के खाते में गई थी।
ये अलग बात है कि सत्ता बदलने के बाद पूरेडलई और फतेहपुर के प्रमुखों की निष्ठा बदली और ये भाजपा में शामिल हो गए। सत्ता में आई भाजपा ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर सपा से तीन सूरतगंज, निंदूरा और दरियाबाद सीट छीन ली थी और इन सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार काबिज हो गए थे। इस बार के चुनाव में सपा ने जहां दस सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं वहीं भाजपा ने 14 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारकर सपा के सामने गढ़ बचाने की चुनौती पेश कर दी है।
भाजपा और सपा के दो-दो उम्मीदवार हुए निर्विरोध
हरख और पूरेडलई में भाजपा के उम्मीदवारों के सामने किसी भी दल के उम्मीदवार ने अपना नामांकन दाखिल नहीं किया। इसी प्रकार बंकी ब्लॉक में किसी दल के उम्मीदवार द्वारा नामांकन दाखिल नहीं किए जाने से यहां पर निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया। लेकिन शुक्रवार को सिरौलीगौसपुर से भाजपा उम्मीदवार द्वारा पर्चा वापस लिए जाने के बाद यहां से भी सपा उम्मीदवार का निर्विरोध निर्वाचित होना तय हो गया है।