बाराबंकी। एंबुलेंस कर्मियों के कार्य पर न लौटने से प्रशासन ने शुक्रवार को नए चालकों को एंबुलेंस की चाबियां सौंप वाहनों का संचालन सुचारु कराने का दावा किया है। जबकि हकीकत ये है कि तकनीकी जानकारी के अभाव की वजह से कई एंबुलेंस अस्पताल परिसर में ही खड़ी रहीं। वहीं अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे कर्मियों ने एंबुलेंस की चाबियां प्रशासन को सौंपकर लखनऊ में चल रहे धरने में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।
एंबुलेंस कर्मी अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से हड़ताल पर चले रहे थे। कंपनी ने इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 15 कर्मियों को बर्खास्त कर दिया था। वहीं बृहस्पतिवार को प्रशासन ने इस मामले में चार कर्मियों को नामजद समेत 80 कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कराते हुए एंबुलेंस की चाबियां अपने कब्जे में लेना शुरू कर दिया था। शुक्रवार को सभी वाहनों की चाबियां लेकर परिवहन विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए चालकों के हवाले इन एंबुलेंसों को कर दिया गया।
जो चालक एंबुलेंस का संचालन करना जानते थे उन्होंने तो वाहन चलाए लेकिन जिन्हें तकनीकी जानकारी नहीं थी, उनके वाहन अस्पताल परिसर में पूरे दिन खड़े रहे। नए कर्मियों को एंबुलेंस की चाबियां सौंपने के बाद प्रशासन ने भले ही राहत की सांस ली हो पर मरीजों को अभी तक सुचारु रुप से एंबुलेंस सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे अभी भी लोग अपने मरीजों को अस्पताल लाने के लिए निजी वाहनों का सहारा ले रहे हैं। जबकि मांगों को लेकर धरना दे रहे कर्मी धरने में शामिल होने के लिए लखनऊ रवाना हो गए।
एंबुलेंस सेवाओं को जिले में नए चालकों के माध्यम से संचालन शुरू करा दिया गया है। एंबुलेंस सेवाओं के शुरू हो जाने से मरीजों को जो असुविधा हो रही थीं वह अब नहीं होगी। इस पर बराबर नजर रखी जा रही है।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ