जैदपुर (बाराबंकी)। थाना जैदपुर क्षेत्र के करीब छह युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर लखनऊ के एक एजेंट ने 7.42 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद उनको वोमान भेजा, जहां तय किए हुए काम की जगह दूसरा काम कराया जाने लगा। ऐसे में एक युवक वापस आ गया, जबकि पांच वहीं फंसे हुए हैं। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू की है।
जैदपुर कस्बा के मोहल्ला ब्रह्मनान निवासी हिमायत रसूल ने थाने में शिकायत कर बताया कि वह वर्ष, 2023 में लखनऊ के खुर्ररमनगर में अपने साथी समीर के साथ बढ़ई का कार्य करते थे। समीर ने विदेश भेजने के लिए उनकी मुलाकात लखनऊ के थाना मदेयगंज के मीठी खिचड़ी खदरा निवासी शकील उर्फ कलीम से कराई। समीर ने हिमायत व उसके साथी जावेद से पहली बार में पासपोर्ट के लिए 40-40 हजार रुपये नकद जमा कराए थे। इसके बाद वोमान भेजने को कहा, जिसके लिए एक साथ 10 लोगों की आवश्यकता होना बताया।
इसपर हिमायत रसूल ने अबदुल रहमान, फहीम, अरशद व गुफरान से भी विदेश में काम करने के लिए एजेंट को 5.97 लाख रुपये एसके इंटरप्राइजेज के खाते में जमा कराए थे। काफी समय तक सभी युवा विदेश जाने के लिए लखनऊ स्थित खुर्ररमनगर के ऑफिस के चक्कर काटे, तब उन्हें वोमान भेजा गया। वहां तय काम की जगह दूसरा काम कराया जाने लगा। इस पर हिमायत वापस आ गया था। अन्य लोग भी वापस आना चाहते हैं, जिसके लिए एजेंट ने परिजनों से और रुपये ले लिए हैं। मोहल्ला चोहट्टा निवासी नूर मोहम्मद ने भी 65 हजार रुपये ऐंठने की शिकायत की है।
प्रभारी निरीक्षक अमित प्रताप सिंह ने बताया कि विदेश भेजने के नाम पर लोगों के साथ धोखधड़ी के मामले में केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।