बाराबंकी। पहली बार परिषदीय विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित जिले के 49 हजार नौनिहालों को भाषा व गणित में निपुण बनाया जाएगा। 2027 में जब ये बच्चे कक्षा तीन में पहुंचेंगे तो भाषा व गणित पर उनकी खास पकड़ होगी। निपुण भारत योजना के तहत चल रहे इस अभियान में बच्चों की क्षमता को आंकने के मानक तय किए गये हैं। खास बात यह है कि इस लक्ष्य को शत-प्रतिशत पाने की बाध्यता तय की गई है।
निपुण भारत अभियान इसी शिक्षा सत्र से शुरू हुआ है। इस अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्र में जाने वाले पांच व पांच साल से अधिक उम्र के बच्चे व प्राथमिक विद्यालय के कक्षा एक के बच्चे शामिल किए गये हैं। पहले 12 सप्ताह तक इन बच्चों की बाल वाटिका चलाई जाएगी। जिले में बाल वाटिका के तीन सप्ताह बीत चुके हैं।
बाल वाटिका का चौथा सप्ताह 27 जून से शुरू होगा। जिला समन्वयक प्रशिक्षण विनीता मिश्रा ने बताया कि जिले में 49 हजार बच्चे निपुण भारत अभियान से जुड़ गये हैं। 2027 मेें ये बच्चे जब कक्षा तीन में पहुंचेंगे तो योजना के तहत निर्धारित मापदंड पूरा कर रहे होंगे।
हर प्राथमिक विद्यालय में सबसे तेज तर्रार शिक्षक को इस योजना का नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिले के 1792 प्राथमिक विद्यालयों में नोडल अधिकारी बनाए गये हैं। परिषदीय विद्यालयों को लेकर चलाई जाने वाली योजनाओं में आमतौर पर 75 प्रतिशत लक्ष्य की बाध्यता रहती है मगर इस योजना में शत-प्रतिशत बच्चों को भाषा व गणित में निपुण करना है।
निपुण भारत अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य पाना है। इसी शिक्षा सत्र से इस अभियान की शुरुआत हुई है। समय-समय पर जिला, राज्य व केंद्रीय टीमों द्वारा इसका मूल्यांकन किया जाएगा।
-अमित कुमार, बीएसए