बांदा। पेपर लीक मुद्दे और देश के युवाओं के भविष्य को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर में चल रहे आंदोलन का असर सोमवार को बांदा में देखने को मिला। सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने शहर में जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट संदीप केला को सौंपा।
प्रदर्शन के लिए पहुंचे छात्र-छात्राओं ने कहा कि वर्तमान में युवा परीक्षाओं की अनिश्चितता, बेरोजगारी व पेपर लीक होने की घटनाओं से बहुत तनाव में हैं। दिल्ली में सोनम वांगचुक का आंदोलन और देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे छात्रों का आक्रोश इसी का परिणाम हैं।
कहा कि युवा मांग करते हैं कि कोई अधिकारी या मंत्री अगर अपनी ड्यूटी और जवाबदेही सही तरीके से नहीं निभाता है तो उनके खिलाफ नियमानुसार जांच शुरू की जाए और दोषी मिलने पर सेवा से हटाया जाए या अनिवार्य सेवानिवृत्त दी जाए।
पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगे और ऐसा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त-से-सख्त कार्रवाई की जाए। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग समेत अन्य सभी भर्ती बोर्ड का एक निश्चित वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाए। परीक्षा के आयोजन से लेकर नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया एक समय सीमा के अंदर पूरी की जाए।
इसी तरह से नई शिक्षा नीति को इस तरह से जमीनी स्तर पर लागू किया जाए, जिससे बुंदेलखंड समेत अन्य जनपदों के युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा मिल सके। इसके साथ ही युवाओं को रोजगार की ठोस व्यवस्था की जाए। जिससे उनका पलायन रुक सके। प्रदर्शन के समय बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे।