विजर्सन जुलूस में शामिल युवक केन नदी में डूब गया। नाव से मूर्ति बीच नदी में विसर्जन के लिए ले गए। नदी में मूर्ति विसर्जित करते समय युवक भी उसी के साथ चला गया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी देर रात तक बालक की तलाश में डटे रहे। उसके डूबने पर घाट पर रखी उसकी चप्पल व मोबाइल फोन पर बिलखकर उसका भाई रोने लगा।
गुरुवार को छोटी बाजार स्थित ठठराही से महारुद्राभिषेक के बाद शिवलिंग विसर्जन के लिए गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकला। दोपहर से शाम तक जयकारों व नाच-गाने के बाद शाम को केन नदी में विसर्जन के दौरान ठठराही निवासी लोकेश सोनी (20) पुत्र जगदेव प्रसाद नाव में चढ़ गया।
प्रतिमा और शिवलिंग नदी में प्रवाहित करते समय नाव एक तरफ झुकने से लोकेश गिरकर गहरे पानी में समां गया। घटना से खुशी का माहौल अफरातफरी में बदल गया। जुलूस में शामिल कुछ तैराक उतरे पर नदी बाढ़ में होने और तेज बहाव से गोता लगाने में उनकी हिम्मत टूट गई।
खबर मिलने पर एसडीएम विनय पाठक, सीओ विनोद सिंह, कोतवाली प्रभारी आनंद सिंह, बलखंडी नाका चौकी प्रभारी संजय सिंह समेत पुलिस कर्मी पहुंच गए। तलाश के बाद भी युवक का कोई पता नहीं लगा। उधर, नाव व मल्लाहों के न पहुंचने से अधिकारी लगभग एक घंटे तक असहाय बने रहे।
लगभग एक घंटे बाद स्टीमर के लिए तीन लीटर पेट्रोल मंगाया गया। पुलिस कर्मी स्टीमर लेकर रेलवे ब्रिज व बाईपास पुल तक तलाश करते रहे। अंधेरा होने से बचाव राहत कार्य में दिक्कत हुई। रोशनी की कोई व्यवस्था नहीं थी। मल्लाह भी मदद को नहीं आए।